Gurugram News: दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश के बीच गुरुग्राम में जगह-जगह पानी भरने और भारी जाम की खबरें सुर्खियों में हैं। इस बीच गुरुग्राम के ही सेक्टर 37C स्थित इम्पीरिया एस्फोरा फेज-2 सोसाइटी के टावर ई में आज यानी गुरुवार 9 जुलाई को बड़ा हादसा हो गया। सोसाइटी के एक फ्लैट की बालकनी का बाहरी हिस्सा (Balcony Collapse) अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के बाद पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई और सोसाइटी के निवासी दहशत में हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बालकनी के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बालकनी का बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है। कंक्रीट और निर्माण सामग्री का मलबा नीचे जमीन पर बिखरा पड़ा दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर घटना कुछ मिनट पहले या बाद में होती, तो नीचे से गुजर रहे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
हादसे के बाद सोसाइटी के निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से अब लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। रेजिडेंट्स का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर गुरुग्राम के साथ ही अन्य महानगरों में भी बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में हाईराइज सोसाइटियों में निर्माण संबंधी खामियों और रखरखाव को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में बालकनी गिरने की यह घटना निवासियों की चिंता और बढ़ाने वाली है।
सोसाइटी के निवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच की मांग की है। ऐसे में अगर समय रहते पूरे भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। हादसे के कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
