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गुजरात : बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा; CM ने राहत पैकेज का किया ऐलान

गुजरात में बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सरकार मुआवजा देगी। सीएम भूपेंद्र पटेल ने प्रभावित किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है।

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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (फोटो-@Bhupendrapbjp)

गांधीनगर : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए प्रभावित किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है। पटेल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में कहा, “गुजरात में पिछले दो दशकों में न हुई हो, ऐसी असाधारण बेमौसम बारिश इस वर्ष होने से राज्य के विभिन्न जिलों के किसानों की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है।

प्राकृतिक आपदा की घड़ी में किसानों के साथ सरकार

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में मैंने तथा मेरे सहयोगी मंत्रियों ने अलग-अलग जिलों में जाकर प्रभावित किसानों के साथ प्रत्यक्ष बातचीत कर उनकी स्थिति जानी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार धरतीपुत्रों की व्यथा को समझ कर पूरी संवेदना से उनके साथ खड़ी है।

सीएम ने कहा कि राज्यभर के किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान के समक्ष उनकी भावनाओं को ध्यान में रखकर मैं राज्य सरकार की ओर से धरतीपुत्रों के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपए के राहत-सहायता पैकेज की घोषणा करता हूँ। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार 9 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर लगभग 15,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की मूंगफली, मूंग, उड़द तथा सोयाबीन की खरीद भी करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “मैं विश्वास देता हूँ कि राज्य सरकार अन्नदाताओं की आर्थिक सुख-समृद्धि की चिंता अपने सिर लेकर उनकी सहायता के लिए सदैव प्रतिबद्ध थी, है और रहेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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