ग्रेटर नोएडा

Greater Noida News: लिफ्ट में 20 मिनट अटकी रही इतने लोगों की सांसें, इमरजेंसी बटन ने दिया धोखा

एक बार फिर यूपी के ग्रेटर नोएडा में लोगों से भरी एक लिफ्ट बीच में अटक गई। करीब 20 मिनट तक 4 लोगों की जान पर बन आई।

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चेरी काउंटी हाउसिंग सोसाइटी में 20 मिनट तक लिफ्ट अटकी

Photo : ANI

ग्रेटर नोएडा: यूपी में लिफ्ट कानून बनाने की घोषणा होने के महज 4 दिन बाद फिर से एक नया कांड हो गया। ताजा मामला शनिवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित चेरी काउंटी हाउसिंग सोसाइटी से आया है। यहां करीब 20 मिनट तक लिफ्ट फंसी रही। लिफ्ट के अंदर एक बुजुर्ग और महिलाएं फंसी रहीं। अदर फंसे लोगों ने तुरंत अलार्म बजाया, लेकिन इमरजेंसी बटन काम नहीं कर रही थी। शोर मचाने के बाद सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह लिफ्ट को खोलकर लोगों को बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद सोसाइटी में लिफ्ट का इस्तेमाल करने वाले बुरी तरीके से डरे हुए हैं।

चेरी काउंटी हाउसिंग सोसायटी का मामला

यह ताजा मामला चेरी काउंटी हाउसिंग सोसायटी का है। जिले में हालिया के दिनों लिफ्ट हादसे तेजी से बढ़ते दिखाई दिए हैं, जिसमें काफी लोगों की जान भी जा चुकी है। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस डिपार्टमेंट लापरवाह बना हुआ और ठीक से काम नहीं करता। उनकी लापरवाही से लोगों की जान आफत में पड़ रही है। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर मेंटेनेंस डिपार्टमेंट और बिल्डर की होती है।

हाल ही में नोएडा में एक हादसा हुआ था। उस हादसे में सुशीला देवी नामक एक महिला की लिफ्ट में मौत हो गई थी। इसके अलावा एक अन्य लिफ्ट हादसे में 4 मजदूरों की मौत का मामला सामने आया था। उसके बावजूद भी मेंटेनेंस डिपार्टमेंट की टीम लगातार लापरवाही कर रही है, जिसकी वजह से लोगों की जान जोखिम में है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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