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छत्तीसगढ़ के भिलाई में केमिकल फैक्ट्री धधकी, 50 से ज्यादा ड्रम और दो टैंकर जले

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से फैक्ट्री परिसर में रखे केमिकल से भरे 50 से ज्यादा ड्रम और केमिकल भरने पहुंचे दो टैंकर जल गए।

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भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग

दुर्ग : जिले के भिलाई स्थित औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे श्री श्याम केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री परिसर में रखे केमिकल से भरे 50 से ज्यादा ड्रम और केमिकल भरने पहुंचे दो टैंकर इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों टैंकर और ड्रम जलकर खाक हो गए। आग से निकलने वाला घना काला धुआं करीब पांच किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। धुएं का गुबार देखकर आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

आग की लपटों से इलाके में धुआं-धुआं

छावनी के सीएसपी प्रशांत सिंह ने बताया कि फैक्ट्री परिसर में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी केमिकल के संपर्क में आने से आग लगने की आशंका है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए करीब पांच फायर ब्रिगेड वाहनों को लगाया गया है। केमिकल की मौजूदगी के कारण पानी की जगह फोम के प्रेशर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद आग बार-बार भड़क रही है, जिससे दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

घटना में कुछ मजदूरों के घायल होने की भी खबर है, हालांकि घायलों की संख्या और उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर मौजूद हैं। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही फैक्ट्री में हुए नुकसान का सही आकलन हो सकेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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