अगर आप ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहते हैं या यहां के मशहूर चारमूर्ति चौक (गौड़ चौक) से गुजरते हैं तो आपको यहां के जाम के बारे में पता ही होगा। यहां के जाम के चर्चों से तो अक्सर ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बाढ़ आई रहती है। जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए यहां पर अंडरपास बनाने का काम किया जा रहा है, लेकिन इस काम के चलते हालात और भी खराब हो गए हैं। खासतौर पर सुबह और शाम चारमूर्ति चौक के चारों तरफ की सड़कों और सर्विस रोड पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। 5-7 मिनट के सफर के लिए लोग घंटों यहां जाम में फंसने को मजबूर होते हैं। उम्मीद तो थी की अंडरपास का काम तेजी से निपटेगा तो लोगों को इस जाम से मुक्ति मिलेगी, लेकिन ताजा रिपोर्ट के बाद लगता है पर्थला सिग्नेचर ब्रिज बनते समय जिस तरह लोगों को सालों तक परेशानी झेलनी पड़ी थी, वैसा ही हाल चारमूर्ति अंडरपास के निर्माण का भी होने वाला है।
चारमूर्ति चौक पर बन रहे अंडरपास का काम समय पर पूरा कराना ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। दरअसल स परियोजना के रास्ते में एक सीवर लाइन है, जिसे यहां से हटाने के लिए अब जाकर टेंजर जारी हुए हैं। इसके अलावा पेड़ों को हटाने का काम भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
18 महीने में बनना था अंडरपास
अंडरपास का काम पूरा करने के लिए 18 महीने का लक्ष्य रखा गया था। इसका निर्माण कार्य शुरू होने में ही पहले काफी समय लगा। फिर आधी-अधूरी तैयारियों के बीच निर्माण कार्य शुरू हुआ। प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। दिल्ली-एनसीआर में जून के अंत में मानसून एक्टिव हो जाता है, जिसके बाद जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश के चलते काम प्रभावित रहेगा।
एक साल बाद शुरू हुआ काम
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने दिसंबर 2023 में इस अंडरपास के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए थे। जनवरी 2024 में कंपनी का चयन भी कर लिया गया। कंपनी को कार्य आदेश भी जारी हो गया, लेकिन अंडरपास बनाने का काम टलता रहा। जहां यह अंडरपास परियोजना बनाई जा रही है, वहां से जरूरी सेवाओं जैसे बिजली, पानी, सीवर, टेलिफोन आदि की लाइनों को कहीं और शिफ्ट करने में सक्रियता नहीं दिखाई गई। यही कारण है कि अंडरपास निर्माण का कार्य समय पर शुरू नहीं हो पाया। जनवरी 2024 में कंस्ट्रक्शन कंपनी का चयन होने के पूरे एक साल बाद जनवरी 2025 में अंडरपास निर्माण का काम शुरू हुआ। लेकिन सीवर लाइन और पेड़ों को यहां से स्थानांतरित करने का काम अब तक नहीं हो पाया है।
15 मई को जारी हुआ महत्वपूर्ण टेंडर
दैनिक हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार बड़े अधिकारियों ने जब फटकार लगाई, तब जाकर सीवर लाइन डायवर्जन के लिए 15 मई को टेंडर जारी हुई हैं। इस कार्य के लिए कंपनी का चुनाव करने में भी अभी कम से कम एक महीने का समय लगेगा और तब तक संभव है कि दिल्ली-NCR में मानसून भी दस्तक दे चुका होगा। ऐसे में यह काम कैसे होगा, यह भगवान ही जाने। इसके अलावा पेड़ों को यहां से हटाकर कहीं और ले जाने के लिए भी अभी तक विशेषज्ञ कंपनी नहीं मिली है। इसकी वजह से भी काम में तेजी नहीं आ पाएगी। अंडरपास का जो काम किया भी जा रहा है, उसे बड़ी ही सावधानी से करना पड़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से मिलेगी मुक्ति
मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ से सूरजपुर की तरफ जाने वाली 60 मीटर चौड़ी सड़क के चारमूर्ति चौक पर यह अंडरपास बनाया जा रहा है। इस अंडरपास के बन जाने के बाद गाजियाबाद से सूरजपुर और सूरजपुर से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहन अंडरपास से होकर गुजरेंगे। परियोजना की लागत 80 करोड़ रुपये है। एक बार यह अंडरपास बन गया तो उम्मीद की जा रही है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।
