गाजियाबाद में पिछले दिनों एक एलएलबी छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी सुशील प्रजापति की जमानत पर रिहाई के बाद उसका भव्य स्वागत किया गया। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सामने आए वीडियों में आरोपी के समर्थकों ने जेल के बाहर फूल-मालाएं पहनाकर और गाड़ियों का काफिला निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया, जिसके बाद मामला विवादों में आ गया। सोशल मीडिया पर लोग कानून पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी का पूर्व नगर अध्यक्ष बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, 2025 में मोदीनगर की एक एलएलबी छात्रा ने उसके खिलाफ मुरादनगर थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने गाजियाबाद कोर्ट में प्रैक्टिस और चैंबर दिलाने का झांसा देकर उसे फ्लैट पर बुलाया, जहां कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया गया।
आरोपी पर 25 हजार का था ईनाम
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और अगस्त 2025 में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। करीब नौ महीने बाद जमानत मिलने पर 17 मई 2026 को वह जेल से बाहर आया। इस दौरान समर्थकों ने फूल बरसाकर और नारेबाजी करते हुए उसका स्वागत किया। वायरल वीडियो में आरोपी को कंधों पर उठाकर जुलूस निकालते हुए भी देखा गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो संज्ञान में लिया गया है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रेप के आरोपी के स्वागत पर निंदा करते हुए महिला सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने कहा कि जिस प्रदेश में रेप के आरोपियों का इस तरह स्वागत हो, वहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। महिला सम्मान के खिलाफ ये मानसिकता क्या दर्शाती है।
