यूपी सरकार के दखल से सुलझा विवाद
शनिवार को नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। दरअसल, पिछले कुछ समय से बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लोगों में काफी नाराजगी थी। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किया गया था। ऐसे में यूपी सरकार के हस्तक्षेप के बाद नए रेट तय किए गए, जिससे यह विवाद खत्म हो सका।
गाजियाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स के नए रेट
नई व्यवस्था के मुताबिक, अब 24 मीटर से चौड़ी सड़कों पर स्थित संपत्तियों पर टैक्स 3.40 रुपये प्रति वर्ग फुट लगेगा। पहले यह रेट 4 रुपये था। वहीं 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर यह टैक्स रेट 3.80 रुपये से घटाकर 2.80 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया गया है। इसके अलावा 12 मीटर से कम चौड़ी सड़कों वाले इलाकों में दरें 3.50 रुपये से घटाकर 2.30 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दी गई हैं।
टैक्स गणना का बदला तरीका
जिन लोगों ने पहले ही अधिक रेट पर टैक्स जमा कर दिया है, उन्हें भी राहत दी जाएगी। निगम के अनुसार, अतिरिक्त जमा राशि को अगले तीन सालों में समायोजित किया जाएगा। हर साल एक-तिहाई राशि को आने वाले टैक्स में एडजस्ट किया जाएगा। इसके अलावा टैक्स की गणना करने के तरीके में भी बदलाव किया गया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स ‘कवर्ड एरिया’ की बजाय ‘कार्पेट एरिया’ के आधार पर तय होगा, जिससे टैक्स का बोझ कुछ हद तक कम हो सकता है।
इन लोगों को मिलेगी एक्स्ट्रा छूट
नगर निगम ने टैक्स में कुछ छूट अभी भी जारी रखी हैं। समय पर टैक्स जमा करने वालों को 20 फीसदी की छूट मिलेगी। ऑनलाइन पेमेंट करने पर 2 फीसदी की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इसके अलावा कचरे का सही तरीके से अलग-अलग निस्तारण करने वालों को 10 फीसदी की छूट मिलेगी। बिल्डिंग की उम्र के हिसाब से भी 25% से 40% तक की छूट दी जाएगी।
नगर निगम का मानना है कि कम दरों और छूट के बावजूद टैक्स कलेक्शन पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि नए सिस्टम से ज्यादा लोगों को टैक्स दायरे में लाया जा सकेगा। गौरतलब है कि मेयर सुनीता दयाल ने पहले ही टैक्स बढ़ोतरी का विरोध किया था, जबकि नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना था कि शहर के विकास के लिए टैक्स दरों का संतुलन जरूरी है। हालांकि अब नई दरों से गाजियाबाद के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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