Rapid Rail Project: देश की पहली रैपिड ट्रेन का पटरियों पर उतरने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस ट्रेन का 15 से 20 जनवरी के बीच मुख्य ट्रायल शुरू हो जाएगा। वहीं, मार्च, 2023 से यह दुहाई डिपो से साहिबाबाद के बीच यात्रियों के लिए दौड़ने लगेगी। मतलब, इन दोनों स्टोशनों के बीच आम लोग सफर कर सकेंगे। बता दें कि, रैपिड ट्रेन का मुख्य ट्रायल दिसंबर माह में शुरू होना था, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण इसे टाल दिया गया। अब जनवरी से मुख्य ट्रायल शुरू करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी फाइनल तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
बता दें की देश की पहली रैपिड ट्रेन का एनसीआरटीसी द्वारा दिल्ली से मेरठ के बीच वर्ष 2025 में रैपिड ट्रेन का परिचालन किया जाना है। इस पूरे रेलवे कॉरिडोर को तीन खंड में पूरा किया जाना है। इसका पहला खंड साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबा है। इस खंड पर रैपिड रेल को मार्च 2023 से यात्रा के लिए शुरू किया जाना है। इस खंड पर ट्रैक बनाने का कार्य पूरा हो गया है। यहां पर अब ओवरहेड इक्विपमेंट लाइन के इंस्टालेशन का कार्य चल रहा है। एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार इसका 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। बाकि का कार्य भी 15 जनवरी से पहले पूरा कर मुख्य ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। इस ट्रायल में ट्रेन की भार क्षमता, सुरक्षा और सुविधा की जांच होगी।
प्राथमिक खंड में पांच स्टेशन की सुविधा
रैपिड रेल के पहले खंड में पांच स्टेशनों के बीच रेल का संचालन होगा। रैपिड रेल मार्च से साहिबाबाद स्टेशन, गाजियाबाद स्टेशन, गुलधर स्टेशन, दुहाई और दुहाई डिपो के बीच दौड़ेगी। रैपिड ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किमी. रहेगी। हालांकि अभी इसे 160 किमी. के अधिकतम स्पीड पर ही दौड़ाया जाएगा। वहीं इसकी औसत स्पीड 100 किमी. रहेगी। इस रेल में छह कोच होंगे। सभी कोच में यात्रियों का सामान रखने के लिए रैक बनाया गया है। ट्रेन में बिजनेस क्लास और महिलाओं के लिए एक-एक आरक्षित कोच होगा। बिजनेस क्लास में यात्रियों को प्लेन की तरह कई हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी। रैपिड ट्रेन का संचालन शुरू होने पर मेरठ रोड और जीटी रोड पर जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
