गाजियाबाद

Ghaziabad News: यमुना और हिंडन के आसपास बसे 32 गांवों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट पर

पहाड़ों में बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते नदियां उफान पर हैं। इससे मैदानी इलाकों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। खासतौर पर गाजियाबाद प्रशासन ने यमुना और हिंडन नदियों के आसपास 32 गांवों को अलर्ट किया है। नदियों में जलस्तर बढ़ने से इन गांवों को बाढ़ का खतरा है।

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यमुना और हिंडन नदी से गाजियाबाद में बाढ़ का खतरा

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते तमाम नदियां उफान पर हैं। इससे मैदानी इलाके भी जलमग्न हो गए हैं और बाढ़ का खतरा हर तरफ मंडरा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहर गाजियाबाद में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना और हिंडन नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। जिला प्रशासन गाजियाबाद दोनों नदियों के किनारे बसे करीब 32 गांवों में निगरानी कर रहा है। यही नहीं डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वाले लोगों को भी चेतावनी दी जा रही है।

बता दें कि एनसीआर में हिंडन नदी गाजियाबाद के बाद गौतमबुद्ध नगर जिले में एंटर करती है। यहां यह नदी नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच सीमारेखा बनाती हुई आगे चलकर यमुना नदी में मिल जाती है। यमुना नदी गाजियाबाद जिले में लोनी क्षेत्र से होते हुए दिल्ली में प्रवेश करती है। इसके बाद ओखला के पास यमुना नदी गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा से होते हुए मथुरा-आगरा की ओर बढ़ती है।

गाजियाबाद जिले में यमुना और हिंडन नदी के किनारे करीब 32 गांव बसे हुए हैं। इन नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के चलते नदियां पानी से लबालब भरी हैं, जिसके कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। कल यानी रविवार को यमुना का जलस्तर कम होकर 209 मीटर पर आ गया, जो दो दिन पहले 209.50 मीटर पर था। हालांकि यमुना के जलस्तर में कमी आयी है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

हरियाणा में हथनी कुंड बैराज से यमुना नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से अगले दो-तीन दिनों में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। यही कारण है कि गाजियाबाद प्रशासन नदी के किनारे बसे गांवों को लेकर अलर्ट पर है।

उधर हिंडन नदी में भी जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों 660 क्यूसेक पानी रविवार को बढ़कर 1900 क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके चलते गाजियाबाद में हिंडन के किनारे बसे गांवों में खतरा बढ़ गया है। यही नहीं गौतमबुद्ध नगर जिले में भी हिंडन के किनारे बसे गांवों को इस बाढ़ से खतरा है। 2000 क्यूसेक से ज्यादा पानी होने पर बाढ़ का गंभीर खतरा है, क्योंकि पिछले दो वर्षों में भी ऐसा हो चुका है। पिछले वर्षों में हिंडन में 2000 क्यूसेक से ज्यादा पानी होने पर कई इलाकों में पानी भर गया था।

गाजियाबाद में सिंचाई विभाग ने डूब क्षेत्र में अतिक्रमण कर निर्माण करने वालों के लिए चेतावनी जारी की है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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