गाजियाबाद: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर (नमो भारत) पर यात्रियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं करने पर जोर दिया जा रहा है। यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचाने लिए एनसीआरटीसी निरंतर फीडर ऑपरेटर्स, कैब, ऑटो रिक्शा और बाइक टैक्सी सेवा प्रदाताओं के संपर्क में है। इन सेवाओं के विस्तार के लिए एनसीआरटीसी ने बड़े स्तर पर अनुमति मांगी गई है। यह दिल्ली से लेकर मेरठ तक के सभी 25 स्टेशनों के लिए व्यवस्थाएं बढ़ाने के लिए अनुमति मांगी गई है। ताकि, नमो भारत ट्रेनों का संचालन शुरू होने के साथ ही आखिरी स्टेशन तक बेहतर कनेक्टिविटी मिले। इसके लिए यात्रियों को स्टेशनों पर रेंटल दुपहिया वाहन और रेंटल साइकिल की सुविधा उपलब्ध करने के लिए भी एनसीआरटीसी प्रयासरत है।
7 रूटों पर इलेक्ट्रिक चलेंगी बसें
वर्तमान में साहिबाबाद से लेकर मोदी नगर नॉर्थ तक 34 किमी के सेक्शन में नमो भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस सेक्शन में आने वाले स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड की इलेक्ट्रिक बसों को सेवा में उतारा है, जिसके अंतर्गत साहिबाबाद, गाजियाबाद, डीपीएस राजनगर गुलधर, दुहाई, मुराद नगर, मोदी नगर साउथ और मोदी नगर नॉर्थ स्टेशनों पर अलग-अलग 7 रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं।
इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए रैपिडो टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध है। आरआरटीएस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रैपिडो बाइक टैक्सी का उपयोग करने वाले यात्रियों को किराए में 10 प्रतिशत का डिस्काउंट दिया जा रहा है। फिलहाल, यह सुविधा गाजियाबाद और साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशनों पर उपलब्ध है। जल्द ही अन्य स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी।
चलेंगी ये गाड़ियां
आरआरटीएस स्टेशनों से प्वाइंट टू प्वाइंट कनेक्शन के लिए, इलेक्ट्रिक, सीएनजी चलित शटल-बस सर्विस, या प्री-पेड इलेक्ट्रिक, सीएनजी चलित टैक्सी सर्विसेस या ऐप आधारित इलेक्ट्रिक/सीएनजी चलित कैब सर्विस, या प्रीपेड मीटर वाले इलेक्ट्रिक, सीएनजी चलित ऑटो रिक्शा सर्विस, इलेक्ट्रिक/सीएनजी चलित शेयरिंग सर्विस, शेयरिंग ई-रिक्शा सर्विस, स्टेशनों से प्वाइंट टू प्वाइंट मोबिलिटी के लिए टू व्हीलर बाइक टैक्सी सर्विस, टू व्हीलर रेंटल सर्विस, स्टेशनों से रेंटल साइकिल सर्विस, स्टेशनों से इलेक्ट्रिक/सीएनजी रेंटल कार सर्विस आदि के लिए अनुमति मांगी गई है।
इसके साथ ही कॉरिडोर के सभी स्टेशनों पर फीडर ई-रिक्शा सर्विस संचालन के लिए कम से कम एक बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी स्थापित करने के लिए अनुमति मांग गई है। बैटरी स्वैपिंग स्टेशन से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा तो मिलेगा ही, साथ ही लोगों को बेरहर सुविधा भी मिलेगी। ऐसे में लोग आसानी से आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो के स्टेशनों तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सकेंगे।
