जयपुर

Jaipur Orange Metro : नई मेट्रो की सवारी करेगी पिंक सिटी, 21 स्टेशनों पर रुकेगी AC ट्रेन

Jaipur New Orange Metro : राजस्थान की राजधानी जयपुर चौतरफा मेट्रो के जाल से घिरने वाली है। पिंक लाइन के बाद प्रस्तावित ऑरेंज लाइन पर 21 स्टेशन बनाए जाने का प्रावधान है। इसके लिए रूट निर्धारित कर लिया गया है। आइये जानते हैं इस मेट्रो लाइन पर क्या नई सुविधाएं मिलेगी। ये पिंक लाइन से कितना अलग है?

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जयपुर ऑरेंज मेट्रो

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
मुख्य बिंदु
  • जयपुर में नई मेट्रो लाइन प्रस्तावित
  • पिंक लाइन के बाद ऑरेज लाइन पर चलेंगी मेट्रो ट्रेनें
  • ऑरेज लाइन पर बनाए जाएंगे 21 स्टेश
  • सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अंबाबारी तक प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर जल्द शुरू होगा काम

Jaipur New Orange Metro : गुलाबी नगरी जयपुर में मेट्रो सुविधा को और मजबूत किया जा रहा है। राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार जयपुर मेट्रो के विस्तार का प्लान बना चुकी है। फेज टू के साथ नए रूट की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। राज्य सरकार के निर्देश में स्वायत्त शासन विभाग ने पूरे रूट के सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से नए रूट के लिए प्रस्ताव तैयार किये जा रहे हैं। मौजूदा समय में सिर्फ एक रूट पर मेट्रो चलती है, जिसका मार्ग मानसरोवर से रेलवे स्टेशन सिंधी कैंप, चांदपोल होते हुए बड़ी चौपड़ तक है। इसी रूट के विस्तार के साथ अन्य मार्गों की तलाश की जा रही है, ताकि इसके नेटवर्क को सुगम-सरल बनाया जा सके। तो आइये जानते हैं नए प्रोजेक्ट के तहत कहां से कहां तक नई मेट्रो चलाने का प्लान है और पुराने रूटों पर स्टेशनों की संख्या और किराये पर भी एक नजर डालेंगे।

जयपुर मेट्रो

जयपुर मेट्रो

नई मेट्रो की सवारी करेगा गुलाबी नगरी

फिलहाल, मेट्रो फेज वन मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक संचालित है, जिसको अब दोनों ओर से बढ़ाए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। फेज टू के तहत सीतापुर से अंबाबाड़ी तक मेट्रो चलाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे अंबाबाड़ी से आगे बढ़ाकर विद्याधर नगर होते हुए विश्वकर्मा रोड 14 तक किए जाने पर विचार किया जा रहा है। उधर, टोंक रोड जयपुर की सबसे व्यस्ततम सड़कों में से एक है। लिहाजा, टोंक रोड से विश्वकर्मा की ओर आने वालों को पूरे शहर के बीच होकर आवागमन करना होता है। ऐसे में शहर के इन दोनों छोर को कनेक्ट करने के लिए फेज टू का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है।

जयपुर ऑरेंज लाइन के प्रस्तावित स्टेशन (Jaipur Orange Metro Line Station List)

  1. सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र
  2. प्रताप नगर
  3. हल्दी घाटी गेट
  4. सांगानेर
  5. लक्ष्मी नगर
  6. दुर्गापुरा
  7. महावीर नगर
  8. गोपालपुरा
  9. देव नगर
  10. टोंक फाटक
  11. गांधी नगर मोड़
  12. सवाई मान सिंह स्टेडियम
  13. नारायण सिंह सर्किल
  14. सवाई मान सिंह अस्पताल
  15. अजमेरी गेट
  16. सरकारी छात्रावास
  17. सिंधी कैंप
  18. सुभाष नगर
  19. पानी पेंच
  20. अंबाबारी
जयपुर ऑरेंज मेट्रो

जयपुर ऑरेंज मेट्रो

वर्तमान में जयपुर मेट्रो ट्रेन का एक सिरा मानसरोवर तक है, जिसे अब आगे बढ़ाकर हीरापुर चौराहे तक ले जाने के लिए कार्य जारी है। लेकिन, ट्रैफिक समस्या और भविष्य में यातायात सुगम बनाने के लिए अब टोंक रोड और अजमेर रोड को जोड़ने पर विचार किया गया है। प्लान के मुताबिक, टोंक रोड से बीटे बाईपास और न्यू सांगानेर रोड होते हुए मानसरोवर मेट्रो स्टेशन लिंक कराए जाने पर चर्चा हो रही है। उधर, विभाग के अधिकारी और ट्रैफिक एक्सपर्ट इन मार्गों की समीक्षा करने पर विचार कर रहे हैं। मार्ग तय करने के पश्चात एक्सपर्ट टीम से सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद मेट्रो की नई डीपीर बनाकर पेश की जाएगी। इस नये रूट के बनने से शहर की बड़ी संख्या को आवागमन में सुविधा होगी। इसके अलावा सड़क मार्ग का बोझ कम होने से ट्रैफिक जाम की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।

जानकारी विवरण
परियोजना का नाम जयपुर मेट्रो रेल परियोजना
मेट्रो लाइन की संख्या 2
लाइन पिंक (संचालित) ऑरेंज लाइन प्रस्तावित
वर्तमान औसत सवारियां 37000 प्रतिदिन
मालिक जेएमआरसी
मेट्रो टेन कोच संख्या 4
औसत गति 32 किमी/घंटा
प्रारंभिक मेट्रो का समय 6 बजे सुबह
आखिरी मेट्रो का समय9:49 मिनट
प्रोजेक्ट पूरा (पिंक लाइन)2015

पिंक लाइन का रूट (Jaipur Pink Line Route)

जयपुर मेट्रो का पहला संचालित रूट पिंक लाइन है। यह बड़ी चौपड़ को मानसरोवर से जोड़ता है। इस रूट की लंबाई 12 किमी के आसपास है। इस दूरी के मध्य 11 स्टेशन हैं। इनमें से 8 एलिवेटेड और 3 भूमिगत हैं। अब जो नई ऑरेंज लाइन प्रस्तावित है, वह सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र (इंडिया गेट) और अंबाबाड़ी के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। इसकी वास्तविक लंबाई 23.52 किमी है। इस रूट पर कुल 21 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। उधर, सिंधी कैंप की जगह चांदपोल स्टेशन पिंक और ऑरेंज लाइनों के बीच इंटरचेंज के रूप में काम करेगी। यहां से यात्री पिंक से ऑरेंज लाइन और ऑरेंज से पिंक लाइन पर ट्रेनें बदलकर गतव्य की ओर जा सकेंगे। डीपीआर में बताया गया है कि साल 2031 तक ऑरेंज मेट्रो लाइन जयपुर मेट्रो को 7 मिनट की देरी से चलाने के लिए कुल 153 डिब्बे रखे जाएंगे, जो विभिन्न मेट्रो ट्रेनों में बंटे होंगे। इस रूट के संचालन से जयपुर में सफर करना आसान होगा।

जयपुर पिंक मेट्रो

जयपुर पिंक मेट्रो

जयपुर पिंक लाइन के स्टेशन (Jaipur Pink Metro Line Station List)

  • मानसरोवर
  • न्यू आतिश मार्केट
  • विवेक विहार
  • श्याम नगर
  • राम नगर
  • सिविल लाइंस
  • रेलवे स्टेशन
  • सिंधी कैंम्प
  • चांदपोल
  • छोटी चौपड़
  • बड़ी चौपड़
जयपुर मेट्रो गुलाबी लाइन शहर में तेज परिवहन के तौर पर कारगर साबित हो रही है। यह यात्रियों का समय बचाने के लिए उत्तम है। जयपुर मेट्रो मानसरोवर से सुबह 6 बडकर 20 मिनट से शुरू होती है। उधर, बड़ी चौपड़ से भी सुबह 6 बजकर 20 मिनट की टाइमिंग निर्धारित है।

जयपुर पिंक लाइन समय सारणी (Jaipur Pink Line Metro Timing)

वहीं, देर रात मानसरोवर से बड़ी चौपड़ रूट पर आखिरी मेट्रो 9 बजकर 20 मिनट से रवाना होती है, जबकि बड़ी चौपड़ से मानसरोवर रूट पर आखारी मेट्रो रात 9 बजकर 21 मिनट पर रवाना होगी। वर्तमान में मानसरोवर से बड़ी चौपड़ के मध्य यात्रा करने में 34 मिनट का समय लगता है और बड़ी चौपड़ से मानसरोवर के मध्य 35 मिनट का समय खर्च होता है। फिलहाल, मानसरोवर से बड़ी चौपड़ के मध्य 89 मेट्रो ट्रेनें उपलब्ध हैं। इधर, सुबह 6:20 से 7 बजे तक हर 18 मिनट में स्टेशन पर मेट्रो उपलब्ध है। वहीं, 7 बजे से रात 9:20 बजे तक आपको हर 10 मिनट में मेट्रो उपलब्ध मिलेगी।

जयपुर मेट्रो का किराया (Jaipur Metro Fare)

जयपुर मेट्रो का न्यूनतम किराया 6 रुपये है। पिंक लाइन का अधिकतम किराया 22 रुपये है। जयपुर मेट्रो में आप 50 रुपये जमाकर मेट्रो स्मार्ट कार्ड या 'पास' ले सकते हैं।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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