दिल्ली और मेरठ को करीब लाने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने का लुत्फ आपने लिया होगा। क्या आपने कभी दोपहिया वाहन यानी स्कूटर या मोटरसाइकिल पर सवार होकर इस एक्सप्रेसवे पर सफर किया है? अगर हां, तो बता दें कि आप यमराज को न्योता दे रहे हैं। क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहन चलाने की इजाजत नहीं है। एक्सप्रेसवे पर हल्के फोर व्हीलर की स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटे और भारी वाहनों की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे है। ऐसे में दोपहिया वाहन से किसी तरह की दुर्घटना होने पर जिंदा बचे रहने की संभावना काफी कम हो जाती है। अब तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टू-व्हीलर चलाने पर आपके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।
दरअसल गाजियाबाद में अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में गुरुवार को सड़क सुरक्षा को लेकर मासिक बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के साथ ही ईस्टर्न पैरिफरल पर 2 व्हीलर चलाने पर मुकदमा दर्ज होगा। अपर जिलाधिकारी ने इसके निर्देश दे दिए हैं।
दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में गाजियाबाद जिले में दुर्घटना संभावित स्थानों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। NHAI को ब्लैक स्पॉट ठीक करने के भी निर्देश दिए गए। जिले में मणिपाल अस्पताल, सुंदरदीप कॉलेज के सदभावना कट, कौशिक ढाबा और टोल उद्योग कुंज पर ब्लैक स्पॉट हैं।
इस बैठक में NHAI की तरफ से बताया गया कि ठेकेदारों को 15 दिन के अंदर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद काम शुरू हो जाएगा। यही नहीं NHAI को यह निर्देश भी दिया गया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर IPM कट के पास गाड़ियों के निकलने के लिए 2 लेन बनाई जाएं। निर्देश दिया गया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे व ईस्टर्न पेरिफरल वे पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद किया जाए। इसका उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) ने निर्देश दिया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नोएडा सेक्टर 62 के पास बने बस स्टॉप पर रुकने वाली बसों को व्यवस्थित तरीके से एक लाइन में खड़ा किया जाए। ताकि यहां से गुजरने वाला ट्रैफिक प्रभावित न हो।
