गाजियाबाद : नंदग्राम क्षेत्र में स्थित भगवान परशुराम मंदिर को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। मंदिर को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने फिलहाल रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि स्थानीय विरोध और बातचीत के बाद प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, प्राधिकरण की टीम बुलडोजर के साथ नंदग्राम इलाके में पहुंची थी और कथित अतिक्रमण को हटाने की तैयारी कर रही थी। इस दौरान स्थानीय लोगों, मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। विरोध के चलते मौके पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल भी बन गया।
मंदिर तोड़ने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को भगवान परशुराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी, लेकिन इससे पहले ही जिला विकास प्राधिकरण भारी फोर्स लेकर मौक पर पहुंचा गया।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल (RND) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों, विशेष रूप से वाइस चेयरमैन से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया। बातचीत के बाद प्राधिकरण ने तत्काल मंदिर को हटाने की कार्रवाई रोक दी।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने मंदिर को लेकर स्थिति की दोबारा समीक्षा करने और स्थानीय भावनाओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। साथ ही मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की संभावना पर भी विचार करने की बात कही गई है।
राजनीतिक पार्टी की ओर से कहा गया कि पार्टी आस्था के केंद्रों के संरक्षण के पक्ष में है, लेकिन धार्मिक स्थलों की आड़ में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे का समर्थन नहीं किया जाता। पार्टी नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं में राहत का माहौल है। समर्थकों ने इसे जनभावनाओं और आस्था की जीत बताते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की सराहना की।
