पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला UP का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बनकर लगभग तैयार हो गया है। अब हर किसी को इसके उद्घाटन का इंतजार है, ताकि इस पर रफ्तार का लुत्फ लिया जा सके। एक्सप्रेसवे पर FASTag टोल ट्रायल हो चुका है और अब इसके आम जनता के लिए खुलने की तारीख भी नजदीक आती जा रही है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने बनाया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिया था कि फरवरी 2026 के अंत तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए।
गंगा एक्सप्रेसवे का ताजा अपडेट
कनेक्टिविटी को देगा नए आयाम
गंगा एक्सप्रेसवे के आम जनता के लिए खुल जाने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पंख लग जाएंगे। मेरठ से प्रयागराज जाने में अभी 12 घंटे का समय लगता है और गंगा एक्सप्रेसवे के खुल जाने से यह समय घटकर 6-8 घंटे का रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिससे यह राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।
इन जिलों से गुजर रहा गंगा एक्सप्रेसवे
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
गंगा एक्सप्रेसवे की लागत
गंगा एक्सप्रेसवे को बनाने में 36 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत आई है। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास मेरठ जिले में बिजोली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जिले में जुंडापुरडुंडु गांव तक जाता है। एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड है और क्लोज टोल सिस्टम के लिए डिजाइन किया गया है। एक्सप्रेसवे को इस तरह से बनाया गया है कि किसी भी मौसम में इस पर आप फर्राटा मार सकते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी।
हवाई जहाज भी उतरेंगे इस एक्सप्रेसवे पर
गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी एक एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है। आपात स्थिति में यहां पर विमान लैंड कर सकते हैं और यहां से टेकऑफ भी कर सकते हैं। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर लगभग 250 कैमरे लगाए गए हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से प्रयाग तक डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इसके खुल जाने से ट्रैवेल टाइम कम होगा, फिर चाहे आप जाएं या सामान का आवाजाही हो। उम्मीद की जा रही है कि गंगा एक्सप्रेसवे से औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि और पर्यटन सहित कई सेक्टरों को लाभ मिलेगा।
