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खुलने ही वाला है गंगा एक्सप्रेसवे, जानें अब कितने दिन बचे

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे लगभग तैयार है। इस एक्सप्रेसवे का काम लगभग 95 फीसद तक पूरा हो चुका है और उद्घाटन अगले चार हफ्तों में संभावित है। मेरठ से प्रयागराज की यात्रा 12 घंटे से घटकर 6–8 घंटे रह जाएगी।

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गंगा एक्सप्रेसवे का काम 95 फीसद तक हुआ पूरा

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला UP का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बनकर लगभग तैयार हो गया है। अब हर किसी को इसके उद्घाटन का इंतजार है, ताकि इस पर रफ्तार का लुत्फ लिया जा सके। एक्सप्रेसवे पर FASTag टोल ट्रायल हो चुका है और अब इसके आम जनता के लिए खुलने की तारीख भी नजदीक आती जा रही है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने बनाया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिया था कि फरवरी 2026 के अंत तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए।

गंगा एक्सप्रेसवे का ताजा अपडेट

मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा यह 6 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे कुल 594 किमी लंबा है। UPEIDA के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का 95 फीसद तक काम पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन में अभी लगभग 4 हफ्ते का समय बचा है और इसके तहत बनाए जा रहे सभी 1498 स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है।

कनेक्टिविटी को देगा नए आयाम

गंगा एक्सप्रेसवे के आम जनता के लिए खुल जाने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पंख लग जाएंगे। मेरठ से प्रयागराज जाने में अभी 12 घंटे का समय लगता है और गंगा एक्सप्रेसवे के खुल जाने से यह समय घटकर 6-8 घंटे का रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिससे यह राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।

इन जिलों से गुजर रहा गंगा एक्सप्रेसवे

  • मेरठ
  • हापुड़
  • बुलंदशहर
  • अमरोहा
  • संभल
  • बदायूं
  • शाहजहांपुर
  • हरदोई
  • उन्नाव
  • रायबरेली
  • प्रतापगढ़
  • प्रयागराज

गंगा एक्सप्रेसवे की लागत

गंगा एक्सप्रेसवे को बनाने में 36 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत आई है। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास मेरठ जिले में बिजोली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जिले में जुंडापुरडुंडु गांव तक जाता है। एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड है और क्लोज टोल सिस्टम के लिए डिजाइन किया गया है। एक्सप्रेसवे को इस तरह से बनाया गया है कि किसी भी मौसम में इस पर आप फर्राटा मार सकते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी।

हवाई जहाज भी उतरेंगे इस एक्सप्रेसवे पर

गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी एक एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है। आपात स्थिति में यहां पर विमान लैंड कर सकते हैं और यहां से टेकऑफ भी कर सकते हैं। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर लगभग 250 कैमरे लगाए गए हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से प्रयाग तक डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इसके खुल जाने से ट्रैवेल टाइम कम होगा, फिर चाहे आप जाएं या सामान का आवाजाही हो। उम्मीद की जा रही है कि गंगा एक्सप्रेसवे से औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि और पर्यटन सहित कई सेक्टरों को लाभ मिलेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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