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आखिर ऐसा क्या कर रहे थे अजीत डोवाल जो, मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया; कहानी 2005 में मुंबई होटल की

अजीत डोवाल इस समय देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और वह पूर्व में IB के चीफ रह चुके हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। कहानी साल 2005 की है, जब वह गुप्त मिशन पर थे। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला -

Ajit Doval mumbai Police.

2005 में अजीत डोवाल को क्यों लिया गया था हिरासत में

अजीत डोवाल को आज कौन नहीं जानता? अजीत डोवाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी माने जाते हैं। आज देश की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मुद्दा ऐसा नहीं होता है, जिसमें अजीत डोवाल की भूमिका नहीं होती है। साल 1945 में जन्मे अजीत डोवाल आज 80 साल से ज्यादा की उम्र में भी काफी एक्टिव हैं और देश के लिए लगातार काम करते हैं। क्या आप जानते हैं कि आज देश के लिए कर्तव्य परायणता की मिसाल बन चुके अजीत डोवाल के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें मुंबई पुलिस ने लगभग गिरफ्तार कर लिया था। जी हां, मुंबई पुलिस ने उन्हें डिटेन किया था। चलिए जानते हैं उस घटना के बारे में, वह घटना क्या थी, उन्हें क्यों डिटेन किया गया और इस घटना से अजीत डोवाल का कौन सा बड़ा मिशन फेल हो गया?

घटना जुलाई 2005 की है। अब तक अजीत डोवाल रिटायर हो चुके थे। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुंबई के एक होटल में अंडरवर्ल्ड से जुड़े दो व्यक्तियों को पकड़ने के लिए छापा मारा। जब क्राइम ब्रांच ने यह छापा मारा, उस समय अजीत डोवाल भी उसी जगह पर मौजूद थे। पुलिस अंडरवर्ल्ड से जुड़े जिन दो लोगों को पकड़ने वहां गई थी, उनके खिलाफ आपराधिक मामलों का वारंट भी जारी था। लेकिन छापेमारी के दौरान पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं थी कि होटल में मौजूद तीसरा व्यक्ति कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि भारत के इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व प्रमुख हैं। पुलिस ने पूछताछ के लिए अजीत डोवाल को भी हिरासत में ले लिया। उस समय यह घटना काफी चर्चा में रही, लेकिन आधिकारिक तौर पर कभी किसी आपराधिक मामले के रूप में दर्ज नहीं की गई।

उस होटल में क्या कर रहे थे अजीत डोवाल

कथित तौर पर अजीत डोवाल ने भगोड़े आतंकवादी दाऊद इब्राहिम को दुबई में उसकी बेटी की शादी में ही मारने की एक गुप्त योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने दाऊद के विरोधी गैंग छोटा राजन गिरोह के लोगों को अपने साथ मिलाया था। कहा जाता है कि डोवाल, छोटा राजन गैंग के दो सदस्यों विक्की मल्होत्रा और फरीद तनाशा को मुंबई के उस होटल में अपनी योजना समझा रहे थे। उसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंच गई और छोटा राजन गिरोह के दोनों सदस्यों के साथ अजीत डोवाल को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

औपचारिक तौर पर डोवाल की गिरफ्तारी नहीं हुई

अजीत डोवाल उस समय भले ही रिटायर्ड हो चुके हों, लेकिन वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ बहुत ही संवेदनशील मामलों में अनौपचारिक भूमिका निभा रहे थे। पुलिस ने होटल से उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और थाने भी ले गए। पुलिस टीम को किसी खुफिया ऑपरेशन की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाना पूरी तरह से नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था। कुछ ही देर में वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया तो पुलिस को अपनी गलती का एहसास हुआ। जरूरी पहचान और बैकग्राउंड की पुष्टि के बाद अजीत डोवाल को बिना किसी आरोप के छोड़ दिया गया। उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया और उन्हें औपचारिक तौर पर गिरफ्तार भी नहीं किया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस में तालमेल की कमी

भले ही अजीत डोवाल को सिर्फ पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया हो, गिरफ्तार न किया गया हो। लेकिन इस घटना ने उस समय देश की सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच समन्वय की कमी को खोलकर रख दिया। जानकारों के मुताबिक अगर एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने का बेहतर मैकेनिज्म होता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। अधिकारियों ने इसे एक तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक बताते हुए तूल न देने की बात कही थी।

अजीत डोवाल आगे चलकर देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) बने और आज भी वह देश के NSA हैं। अजीत डोवाल ने अपने IB करियर के दौरान कई बड़े काम किए हैं। वह पाकिस्तान में भिखारी के तौर पर रहे। सिक्किम को भारत में मिलाने में भी अजीत डोवाल ने अहम भूमिका निभायी थी।

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Digpal Singh
Digpal Singh author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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