BC Khanduri Passes Away: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी का आज यानी मंगलवार 19 मई को 91 साल की उम्र में निधन हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी पिछले काफी समय से बीमार थे और राजधानी देहरादून के अस्पताल में भर्ती थे। उत्तराखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक जताया है।
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे मनीष खंडूरी ने आज न्यूज एजेंसी ANI से फोन पर बात करते हुए बताया कि उनके पिता (Bhuwan Chandra Khanduri) का इलाज देहरादून के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा था। उन्होंने बताया कि उनके पिता का आज सुबह निधन हो गया।
1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में जन्मे खंडूरी का आज निधन भी देहरादून में ही हुआ। उनके पिता जय बल्लभ खंडूरी एक पत्रकार थे। जबकि मां दुर्गा देवी खंडूरी समाजसेवी थीं। वह 8 मार्च 2007 से 23 जून 2009 और 11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 तक दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे।
वह गढ़वाल सीट से 3 बार लोकसभा सांसद भी रहे और केंद्र में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री भी रहे। साल 1954 से 1991 तक उन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्हें साल 1982 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से भी नवाजा गया था।
पीएम मोदी ने कहा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के निधन का दु: खद समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने आगे पोस्ट में लिखा, 'श्री खंडूरी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा।'
धामी ने अपने पोस्ट में लिखा कि खंडूरी ने राजनीतिक जीवन में उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। एक जननेता के रूप में उन्होंने राज्य के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में खास स्थान बनाया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। इसके साथ ही सीएम पुष्कर सिहं धामी ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना भी दी है।
