बिहार की राजनीति में पूर्व सांसद आनंद मोहन के तीखे और विवादित बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नीतीश कुमार, जदयू और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। आनंद मोहन ने कहा कि "निशांत को स्वास्थ्य विभाग इसलिए दिया गया, क्योंकि नीतीश और निशांत दोनों बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “जदयू को खड़ा करने वाले नीतीश कुमार को आज पार्टी के अंदर जिंदा दफन कर दिया गया है।" आनंद मोहन ने जदयू को 'थैली की पार्टी' बताते हुए पैसे लेकर टिकट और मंत्री पद बांटने तक के आरोप लगा दिए। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। जिसके बाद अब जदयू, राजद और अन्य नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
सीतामढ़ी कार्यक्रम में जदयू पर साधा निशाना
पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन सीतामढ़ी में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि “जिस व्यक्ति ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) को बनाने से लेकर इस मुकाम तक पहुंचाने में संघर्ष किया, उसी नीतीश कुमार को आज जिंदा दफन कर दिया गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू के अंदर “चंडाल चौकड़ी” सक्रिय है, जिसने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान करोड़ों रुपये में टिकट बेचे गए और बाद में करोड़ों रुपये में मंत्री पद भी बांटे गए।
स्वास्थ्य विभाग को लेकर निशांत पर किया तंज
आनंद मोहन ने अपने बयान में स्वास्थ्य विभाग को लेकर भी तंज कसते हुए कहा, “निशांत को स्वास्थ्य विभाग इसलिए दिया गया, क्योंकि नीतीश और निशांत दोनों बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है।” इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 85 विधायकों के साथ बैठने वाले नेता की तस्वीर तक शपथ ग्रहण समारोह में नहीं लगाई गई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए वह भाजपा को पूरी तरह दोष नहीं देंगे, क्योंकि हर पार्टी अपने राजनीतिक हित देखती है। जब उनसे पूछा गया कि उनके बेटे और विधायक चेतन आनंद को मंत्री पद क्यों नहीं दिया गया, तो उन्होंने कहा कि “जदयू अब थैली की पार्टी बन चुकी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अब पार्टी में सिर्फ पैसे की राजनीति हावी है।
मंत्री लेसी सिंह का पलटवार
वहीं बिहार सरकार में मंत्री लेसी सिंह ने आनंद मोहन के बयान को गलत करार देते हुए कहा कि जो हमारे नेतृत्व के ऊपर सवाल उठा रहे हैं, वे बिल्कुल गलत हैं। उन्होंने कहा कि कोई ताकत नहीं है जो हमारे नेता नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दे। सिंह ने यह भी कहा कि जदयू पूरी मजबूती के साथ नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही है। इसके अलावा जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी आनंद सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कोई मां का लाल यह साबित नहीं कर सकता कि बिहार में कोई व्यक्ति पैसा देकर विधान परिषद, विधानसभा, राज्यसभा या लोकसभा पहुंचा हो।” नीरज कुमार ने कहा कि किसी के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ता और बिहार में नीतीश कुमार ने जो काम किया है, वह सबके सामने है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी में वही होगा जो नीतीश कुमार चाहेंगे।
राजद ने भी जदयू पर साधा निशाना
दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आनंद मोहन के तीखे बयान को लेकर जदयू पर हमला बोला। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि आनंद मोहन ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि जदयू में “थैली तंत्र” चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पैसे के दम पर मंत्री बनाए जा रहे हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं की अनदेखी की जा रही है। इधर सवर्ण आयोग के सदस्य राज कुमार सिंह ने भी आनंद मोहन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “आनंद मोहन नहीं, परिवार मोहन हैं। राजपूत समाज इनके बहकावे में नहीं आने वाला।” उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो अपनी पत्नी और बेटे से इस्तीफा दिलवाकर दोबारा चुनाव लड़वा लें। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की वजह से ही आनंद मोहन जेल से बाहर आए, नहीं तो आज भी जेल में ही सड़ रहे होते।
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