Surat News: सूरत में बाढ़ के कारण हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। शहर के कई इलाकों में जलभराव कायम है और फायर विभाग युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है। मौके से स्थिति का जायजा लेने के लिए टाइम्स नाउ नवभारत टीम जेसीबी पर सवार होकर प्रभावित क्षेत्र में पहुंची, लेकिन पानी का स्तर इतना अधिक था कि जेसीबी भी आधी तक पानी में डूब गई, जिसके बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। फायर विभाग की टीमें नाव और रबर ट्यूब की मदद से लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।

सूरत में इस तरह के गंभीर हालात
हर साल पानी भरने की समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार, कल रात से दुकानों और कॉर्पोरेट कॉम्प्लेक्स में फंसे कई लोग अभी भी बाहर नहीं निकल पाए हैं। वहीं, जो लोग बाढ़ आने से पहले बाहर चले गए थे, वे अब तक अपने घरों या कार्यालयों तक नहीं पहुंच सके हैं। रहवासियों का कहना है कि इलाके के पास खाड़ी होने के कारण हर साल भारी बारिश में पानी भरने की समस्या पैदा होती है और इस बार भी यही स्थिति देखने को मिली है।
NDRF की कुल दो टीमें सूरत में तैनात
वहीं NDRF द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है। NDRF इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद भाटी ने बताया, "NDRF की कुल दो टीमें अभी सूरत में तैनात हैं। कल दोपहर से ही हम लगातार काम कर रहे हैं। इस टीम के द्वारा लगभग 650 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। कई जगहों पर 10 से 12 फीट पानी भरा हुआ है। कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं। सिविल पुलिस के साथ मिलकर हम निकासी का कार्य कर रहे हैं।"
पिछले दो दिनों से बिजली गुल
बाढ़ के कारण मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दो दिनों से बिजली गुल है, जबकि घरों में केवल पीने का पानी उपलब्ध है। अन्य घरेलू उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, राहत दलों ने बैंकों में फंसे कर्मचारियों को भी सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन का बचाव अभियान लगातार जारी है।
सूरत के मौसम को लेकर क्या है अलर्ट?
वहीं अगर बात सूरत के मौसम की करें तो IMD के अनुसार 8 से 13 जुलाई के बीच यहां मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। 8 और 9 जुलाई को शहर के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। साथ ही इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं, मौसम को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। ऐसे में IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
