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नई दिल्ली इलाके में BNS की धारा 163 लागू, किसान मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस सतर्क

Farmers March : किसानों के दिल्ली मार्च को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है। संसद सत्र को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है।

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नोएडा से दिल्ली की ओऱ कूच करते किसान।

Farmers March : किसानों के दिल्ली मार्च को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है। संसद सत्र को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। पहले इसे आईपीसी की धारा 144 कहा जाता था। यह निषेधाज्ञा है जो एक स्थान पर लोगों के जुटने पर रोक लगाती है। दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी संजय कुमार ने कहा कि 'संसद सत्र को देखते हुए नई दिल्ली में इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। महामाया फ्लाईओवर, डीएनडी, कालिंदीकुंज पर पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिना अनुमति के लोग दिल्ली में दाखिल नहीं हो पाएं। दिल्ली सीमा पर सीएपीएफ, स्थानीय पुलिस की तैनाती है और बैरिकेड भी लगाए गए हैं।'

बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े किसान

दलित प्रेरणा स्थल पर जुटे किसानों और पुलिस की भिड़ंत हो गईं। पुलिस किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने दलित प्रेरणा स्थल पर लगाई गई पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी आगे की तरफ बढ़े।

किसानों के मार्च पर राकेश टिकैत का बयान

किसान नेता राकेश टिकैत ने अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों को महामाया फ्लाईओवर के पास रोक दिया गया है। किसान दिल्ली पहुंचना चाहते हैं क्योंकि उनकी समस्या का समाधान यहीं से निकलना है। पुलिस उन्हें रोकना चाहती है जबकि किसान दिल्ली की ओर जाना चाहते हैं। संभल जाने से कांग्रेस और सपा को रोके जाने पर किसान नेता ने कहा कि वहां जाना, पीड़ितों से मिलना और वहां की रिपोर्ट तैयार करना विपक्ष का कर्तव्य बनता है। विपक्ष को वहां जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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