फरीदाबाद

Faridabad में चचेरे भाई को गोली से छलनी किया सीना, प्रापर्टी विवाद में मर्डर

फरीदाबाद में भूमि विवाद में प्रापर्टी डीलर को चचेरे भाई ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

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(सांकेतिक फोटो)

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में एक युवक ने भूमि विवाद को लेकर प्रापर्टी डीलर का काम करने वाले अपने ही चचेरे भाई की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान फतेहपुर चंदीला के रहने वाले नरेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना बृहस्पतिवार रात की है जब पीड़ित नरेंद्र अपने कार्यालय में काम कर रहा था। नरेंद्र के भाई प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने अपने भाई को रात करीब नौ बजे ओल्ड फरीदाबाद चौक स्थित उसके ऑफिस पर छोड़ा था। कुछ देर बाद पीड़ित के ऑफिस में काम करने वाले अंकित ने प्रदीप को बताया कि नरेंद्र को गोली मार दी गई है।

सीने में मारी दो गोली

शिकायत के अनुसार, प्रदीप तुरंत उस स्थान पर पहुंचा और उसने वहां अपने चचेरे भाई विकास और उसके दोस्तों आशीष चपराना और कुलदीप सिंह को देखा जो नरेंद्र के सीने में दो गोली मारने के बाद भागने का प्रयास कर रहे थे। प्रदीप ने अपनी शिकायत में कहा कि मैं अपने भाई को अस्पताल ले गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि प्रदीप की शिकायत के आधार पर विकास, आशीष और कुलदीप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत फरीदाबाद ओल्ड पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने कहा कि प्रदीप की शिकायत के आधार पर, विकास, आशीष और कुलदीप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत फरीदाबाद ओल्ड पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को संदेह है कि मौत का कारण जमीन विवाद हो सकता है। पुलिस जांच जारी है। फरीदाबाद ओल्ड पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक श्री भगवान ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पांच टीम को तैनात किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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