दिल्ली से सटे फरीदाबाद में जल्द ही वार्षिक सूरजकुंड मेले का आयोजन होगा। सूरजकुंड क्राफ्ट मेला अपनी भव्यता और थीम स्टेट के लिए पहचान रखता है। हर साल एक राज्य को थीम स्टेट बनाया जाता है और वहां की कलाकृतियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाता है। मेले का आयोजन 7 फरवरी से 23 फरवरी के बीच फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में किया जाएगा। प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ को भी इस बार सूरजकुंड मेले में दर्शाया जाएगा। चलिए जानते हैं विस्तार से -
सूरजकुंड मेले को शुरू होने में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। 7 फरवरी को जब मेला शुरू होगा तो पर्यटकों को यहां प्रयागराज महाकुम्भ की भव्यता के भी दर्शन होंगे। मेला परिसर में प्रयागराज के गंगा तटों को उकेरा जाएगा। उत्तर प्रदेश के कलाकार जल्द ही सूरजकुंड पहुंचकर प्रयागराज के गंगा तटों को यहां उकेरेंगे।
यहां पर बनेगा प्रयागराज का गंगा घाट
दरअसल सूरजकुंड मेला परिसर में वाराणसी का 84 घाट पहले से ही बना हुआ है। इसी 84 घाट के स्थान पर ही प्रयागराज के गंगा घाटों को उकेरा जाएगा। यहां पर साधुओं के स्नान और उनके द्वारा गंगा पूजा को भी दर्शाया जाएगा।

सूरजकुंड मेले की तैयारियां
तैयारियां जोरों पर
सूरजकुंड मेले की तैयारियां इन दिनों जोरों पर चल रही हैं। यहां हट की छान बांधने का काम पूरा हो चुका है और समस्त मेला परिसर की साफ-सफाई की जा रही है। जगह-जगह पेंटिंग की जा रही है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। इसके बाद पूरे मेला परिसर को सजाया जाएगा। यहां पर ओडिशा और मध्य प्रदेश के कलाकार ग्रामीण परिदृश्य को दिखाने के लिए कई तरह की कलाकृतियों को यहां पर उकेरेंगे।
जापानी शुसी का स्वाद
इस बार आप सूरजकुंड मेले में घूमने आएंगे तो आपको जापान का स्ट्रीट फूड शुसी का स्वाद चखने का अवसर भी मिलेगा। दरअसल शुसी जापान का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे सिरके वाले चावल और कई तरह की सब्जियों जैसे हरी सब्जी व सॉस मिलाकर तैयार किया जाता है।
अम्यूजमेंट पार्क
सूरजकुंड मेले में दिल्ली गेट के पास एक अम्यूजमेंट पार्क बनाने का काम भी जोरों पर चल रहा है। 7 फरवरी को मेले की शुरुआत के साथ अम्यूजमेंट पार्क भी चालू हो जाएगा। चांद-तारा, ड्रैगन बोट, जाइंट व्हील, मिकी माउस आदि लगाए जाएंगे। पर्यटक यहां पर ऊंट और घोड़े की सवारी भी कर पाएंगे।
