Faridabad: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फैलाने के बड़े कारणों में से एक माने जाने वाले डीजल ऑटो रिक्शा को फरीदाबाद की सड़कों से अब पूरी तरह हटाया जाएगा। प्रशासन की तरफ से इसकी तैयारी शुरू हो गई है। अगले साल यानी 1 जनवरी 2023 से फरीदाबाद में डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। अब इस जिले में सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक ऑटो का ही क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण में पंजीकृत होगा। यह पूरी प्रक्रिया क्रमवार शुरू की जाएगी। पंजीकरण बंद होने के बाद 31 दिसंबर 2024 तक डीजल ऑटो को सड़कों पर चलाना भी पूरी तरह से बैन कर दिया जाएगा।
बता दें कि, दिल्ली की सड़कों पर पहले से ही डीजल ऑटो रिक्शा को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली से सटे एनसीआर में आने वाले बाकि जिलों में इन डीजल ऑटो को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आयोग का लक्ष्य है कि, 1 जनवरी 2027 तक एनसीआर में आने वाले सभी जिलों की सड़कों पर सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक ऑटो ही चलें। इस संबंध में आयोग के सदस्य सचिव अरविंद नोटियाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा- निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
देश के सबसे प्रदूषित शहरों में फरीदाबाद है शामिल
बता दें कि, दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में फरीदाबाद भी शामिल है। यहां पर अक्टूबर माह से ही पीएम 2.5 का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है। इस समय शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से पार बना हुआ है। वहीं दीपावली के आसपास यह बढ़कर 500 तक पहुंच गया था। इतने प्रदूषण में लोगों को सांस लेना में भी मुश्किल हो जाती है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार यही स्थिति बनी हुई है। जिसकी वजह से डीजल से चलने वाले ऑटो को चरणबद्ध तरीके से हटाने का प्लान बनाया गया। इस संबंध में फरीदाबाद जिला प्रशासन ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी योजना बना ली है। अधिकारियों ने बताया कि, नए डीजल ऑटो का पंजीकरण बंद करने के बाद पहले से पंजीकृत इन ऑटो को धीरे-धीरे सड़क से हटाया जाएगा।
