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Gujarat News : छोटा उदयपुर में लूट के इरादे से हत्या: बुजुर्ग महिला को मार कर चांदी के कड़े लूटे; दोनों पैर काटे

गुजरात के छोटा उदयपुर में लूट के इरादे से घर में घुसे बदमाशों ने बुजुर्ग महिला की हत्या कर उसके दोनों पैर काट दिए और चांदी के कड़े निकाल ले गए।

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छोटा उदयपुर में महिला की हत्या

छोटा उदयपुर : जिले के नसंवाड़ी तालुका के गढ़बोरियाद गांव में एक बुजुर्ग महिला की हत्या कर लूट की वारदात सामने आई है। असंवेदनशीलता की हद देखिए कि आरोपियों ने महिला की हत्या के बाद उसके पैरों में पहने चांदी के कड़े निकालने के लिए दोनों पैर काट दिए। पुलिस ने लूट के साथ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

दत्रीबेन भीमाभाई भील के सिर पर चोट के निशान

पुलिस के अनुसार, घटना बीती रात की है, जब गढ़बोरियाद गांव में अपने घर में सो रही दत्रीबेन भीमाभाई भील पर अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया। हमलावरों ने महिला के सिर पर चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने महिला के पैरों में पहने चांदी के कड़े लूटने के लिए दोनों पैर काट दिए और मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर नसंवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नसंवाड़ी सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामले में मृतका के पुत्र की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों को पहचानने के लिए लोगों से पूछताछ कर रही है। पीड़ित परिवार से किसी रंजिश या वाद-विवाद के संबंध में पूछा जा रहा है।

लूट के साथ हत्या का मामला दर्ज

पुलिस ने बताया कि लूट के साथ हत्या का मामला दर्ज कर जिला एलसीबी और अन्य टीमों को जांच में लगाया गया है। विभिन्न तकनीकी और ह्यूमन सोर्स के माध्यम से आरोपियों की तलाश की जा रही है। नसंवाड़ी के पीआई आई.एम. झाला ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। मृतका के पुत्र ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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