शहर

असम से दिल्ली तक फैले IPL सट्टेबाजी रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, रातभर चली छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IPL सट्टेबाजी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए असम, दिल्ली समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। इस दौरान कई ठिकानों से डिजिटल सबूत, नकदी और लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं।

Image

ED ने की IPL बेटिंग और Parimatch नेटवर्क पर कार्रवाई

Photo : PTI

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IPL क्रिकेट सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए असम और दिल्ली में कई ठिकानों पर छापेमारी की। गुवाहाटी जोनल ऑफिस की टीम ने 26 मई की देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई पूरी रात चलाकर गुवाहाटी, तिनसुकिया और नई दिल्ली में कई जगहों पर तलाशी ली। ED की जांच में सामने आया है कि आरोपी लोग IPL मैचों पर अवैध सट्टा चलाते थे। मोबाइल फोन, WhatsApp, Telegram और Instagram जैसे ऐप के जरिए लोगों से सट्टा लिया जाता था। इसके अलावा विदेशी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

संगठित तरीके से चलाया जा रहा था रैकेट

यह मामला पहले गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में दर्ज FIR से शुरू हुआ था। इसमें दीपेश बजोरिया, रोनक बजोरिया, राजेश जैन समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। बाद में तिनसुकिया पुलिस स्टेशन में दर्ज दो और मामलों को भी ED ने अपनी जांच में शामिल किया। जांच में पता चला कि अलग-अलग शहरों में काम कर रहा यह पूरा नेटवर्क आपस में जुड़ा हुआ था। ED के मुताबिक यह पूरा रैकेट काफी संगठित तरीके से चलाया जा रहा था। सट्टे से आने वाला पैसा नकद और UPI/बैंक ट्रांसफर के जरिए लिया जाता था। बाद में इस रकम को परिवार और करीबी लोगों के खातों के जरिए घुमाकर सफेद धन दिखाने की कोशिश की जाती थी।

घरों और ठिकानों की तलाशी

छापेमारी के दौरान दीपेश बजोरिया, रोनक बजोरिया, राजेश जैन, विकास अग्रवाल, सुप्रित बिस्वास, बिकाश बेरिया, नितिन बेरिया और दुर्गा प्रसाद बेरिया के घरों और ठिकानों की तलाशी ली गई। गुवाहाटी में "Roycee" नाम के एक कमर्शियल ठिकाने पर भी ED की टीम पहुंची। बताया गया है कि पहले इस जगह का नाम "Playboy" था। कार्रवाई के दौरान ED को कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से सट्टेबाजी के रिकॉर्ड, कोड वर्ड में बातचीत और पैसों के लेनदेन से जुड़े डिजिटल ट्रेल बरामद किए गए हैं। ED ने करीब 13 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं। इसके अलावा 3 गाड़ी भी कब्जे में ली गई हैं। एजेंसी को शक है कि ये गाड़ियां सट्टेबाजी के पैसों से खरीदी गई थीं। जांच एजेंसी ने कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है ताकि सट्टे से जुड़े पैसों का आगे इस्तेमाल न हो सके। ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

"Parimatch" के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

वहीं ED ने साइप्रस आधारित अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म "Parimatch" के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 17 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई 26 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में की गई। ED के मुताबिक छापेमारी के दौरान करीब 1.56 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां जब्त की गई हैं, जिनमें लगभग 1.2 करोड़ रुपये नकद शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 3.8 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं। जांच एजेंसी को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी मिले हैं, जिन्हें कब्जे में लिया गया है। निवेशकों को झांसा देकर ठगे हजारों करोड़ ED ने यह जांच मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि Parimatch.com ने ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ठगा। जांच में अब तक सामने आया है कि इस प्लेटफॉर्म ने एक साल में ही 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा का अवैध कारोबार किया।

पैसे छिपाने के लिए बनाया गया जटिल नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि Parimatch और उसके सहयोगियों ने म्यूल अकाउंट्स, पेमेंट इंटरमीडियरी और फाइनेंशियल चैनलों का जटिल नेटवर्क तैयार किया था। कई मामलों में यूजर्स को भुगतान सीधे प्लेटफॉर्म के खातों से नहीं किया जाता था, बल्कि दूसरे यूजर्स के जमा पैसों को अलग-अलग हिस्सों में ट्रांसफर कर निकासी दिखाई जाती थी, ताकि असली मनी ट्रेल छिपाई जा सके। ED के अनुसार जमा और निकासी के लिए सॉफ्टवेयर, फिनटेक और टेक्नोलॉजी कंपनियों के नाम पर खोले गए चालू खातों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों को कथित तौर पर बिजनेस ट्रांजैक्शन और पेमेंट गेटवे सेवाओं की आड़ में बेटिंग के पैसे घुमाने के लिए उपयोग किया जा रहा था।

किराना दुकानों और ग्राहक सेवा केंद्रों का इस्तेमाल

जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि Banking Correspondent (BC) नेटवर्क, Grahak Seva Kendras, मोबाइल मनी ट्रांसफर एजेंट, कैश मैनेजमेंट सर्विस (CMS), स्थानीय किराना दुकानों और रिटेल आउटलेट्स का भी इस्तेमाल फंड ट्रांसफर और भुगतान के लिए किया गया। ED के मुताबिक पहले पैसा रिटेलर्स और ग्राहक सेवा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था, फिर BC नेटवर्क के जरिए वॉलेट रिचार्ज किए जाते थे। इसके बाद इन्हीं वॉलेट्स से बेटिंग प्लेटफॉर्म के यूजर्स को भुगतान किया जाता था, जिससे पैसों के असली स्रोत को छिपाया जा सके। हवाला के जरिए विदेश भेजी गई रकम जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ एजेंटों ने CMS चैनलों से मिले कैश को RTGS ट्रांसफर के जरिए एडजस्ट किया और बाद में उसी रकम को हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेज दिया।

"Parimatch Sports" और "Parimatch News" के नाम पर प्रचार

ED ने बताया कि Parimatch ने “Parimatch Sports” और “Parimatch News” जैसे नामों से सरोगेट विज्ञापन चलाकर अपने प्लेटफॉर्म का प्रचार किया। प्लेटफॉर्म ने 15 से ज्यादा राज्यों में स्थानीय क्रिकेट लीग, हॉकी और फुटबॉल टूर्नामेंट को स्पॉन्सर कर युवाओं को जोड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि क्विक-कॉमर्स ऐप्स के जरिए ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रचार सामग्री भेजी जाती थी और ऐप इस्तेमाल करने के दौरान भी बेटिंग से जुड़े विज्ञापन दिखाए जाते थे।ED ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 112 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Anuj Mishra
अनुज मिश्रा author

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।... और देखें

End of Article