शहर

दुबई से भारत लाया गया सुकाश चंद्रशेखर का करीबी, EOW की बड़ी कार्रवाई से खुला ठगी नेटवर्क का राज

दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े उगाही और ठगी मामले में अहम कार्रवाई करते हुए सुकाश चंद्रशेखर के करीबी सहयोगी नवास कक्कट इस्माइल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दुबई से भारत लाया गया, जहां वह लंबे समय से फरार चल रहा था। यह गिरफ्तारी इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Image

217 करोड़ की ठगी मामले में बड़ा खुलासा (सांकेतिक फोटो)

Delhi News: दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) ने महाठगी और उगाही के चर्चित मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी सुकाश चंद्रशेखर के करीबी सहयोगी नवास कक्कट इस्माइल उर्फ नवास केआई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को दुबई से भारत लाया गया, जहां वह पिछले कई सालों से फरार चल रहा था।

22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 7 अगस्त 2021 को स्पेशल सेल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप है कि सुकाश चंद्रशेखर ने जेल में रहते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर एक बड़ा उगाही रैकेट चलाया और शिकायतकर्ता अदिति सिंह से करीब 217 करोड़ रुपये की ठगी की। इस केस में अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें सुकाश और उसकी पत्नी लीना पॉलोस भी शामिल हैं।

जांच में क्या सामने आया?

जांच में सामने आया कि नवास केआई इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा था। वह हवाला के जरिए देश और विदेश, खासकर दुबई में पैसे के लेन-देन और उसे छिपाने का काम करता था। वारदात के बाद से ही वह फरार था, जिसके चलते उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। हाल ही में अबू धाबी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया के बाद 4 मई 2026 को उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

मामले की आगे की जांच जारी

पूछताछ में आरोपी ने अपने जुर्म और सुकाश चंद्रशेखर के नेटवर्क में शामिल होने की बात स्वीकार की है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी अमित वर्मा ने बताया कि जांच लगातार जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

और पढ़ें
End of Article