भारत सरकार और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफिया के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुणे के चर्चित 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स तस्करी मामले का आरोपी और ड्रग्स सिंडिकेट के सरगना वीरेंदर बैसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। आरोपी को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 4310 के जरिए सुरक्षित भारत लाया गया।
दुबई में गिरफ्तारी और रेड कॉर्नर नोटिस
ड्रग्स तस्करी के इस बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद एनसीबी (NCB) की सिफारिश पर इंटरपोल के जरिए वीरेंदर बैसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दुबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और भारत सरकार की पहल के बाद उसे डिपोर्ट किया गया। बैसोया दिल्ली पुलिस द्वारा जांच किए जा रहे 13,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी संदीप धुनिय का बेहद करीबी सहयोगी है। हालांकि, संदीप धुनिय दुबई से पाकिस्तान भागने में कामयाब रहा था। वीरेंदर बैसोया के बेटे ऋषभ के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है, फिलहाल उसके विदेश में छिपे होने की जानकारी है।
970 किलो मेफेड्रोन और लंदन भेजने की बड़ी साजिश
एनसीबी के आधिकारिक दस्तावेजों और पुलिस जांच के अनुसार, बैसोया का संबंध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क से बताया गया है। 21 फरवरी 2024 को पुणे पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी कर दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, इनके कब्जे से लगभग 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की भारी खेप बरामद हुई थी। जांच में पता चला कि यह पूरी खेप 'डेल्टा लॉजिस्टिक्स' के जरिए कंसाइनमेंट बनाकर लंदन भेजने की योजना थी।
जांच में सामने आया बैसोया का कनेक्शन
एजेंसियों के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ कि दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुर राजपाल बैसोया सीधे वीरेंद्र सिंह बैसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे। एजेंसियों का आरोप है कि ड्रग्स की सप्लाई और उसे विदेश भेजने की पूरी व्यवस्था में बैसोया की अहम भूमिका थी। इस मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी 21 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रत्यर्पण को सरकार की 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' का बड़ा मील का पत्थर बताया। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा, "मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों पर लगातार नजर रख रही है और और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए एनसीबी ने भगोड़े ड्रग माफिया वीरेंदर सिंह बैसोया को यूएई से वापस लाया है। हमारे सुरक्षा बलों ने यह साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, वे भारतीय कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।"
