MPSC Aspirants Protest: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के इस आंदोलन को राजनीतिक नेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए 'हायजैकट' कर लिया है और अब यह पूरी तरह से एक राजनीतिक प्रदर्शन बन चुका है।
पीटीआई के मुताबिक नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि छात्रों के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपनी 5 मांगें सौंपी थीं, जिन्हें सरकार ने पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। इसके बावजूद आंदोलन को लगातार खींचना यह दर्शाता है कि अब छात्रों के भविष्य के बजाय राजनीतिक हितों को साधा जा रहा है। प्रदर्शन स्थल पर NCP (SP) नेता रोहित पवार की मौजूदगी के बाद इस मुद्दे पर सियासत और तेज हो गई है।
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MPSC चेयरमैन को पद से हटाने की मांग पर क्या बोले फडणवीस?
MPSC चेयरमैन को पद से हटाने की मांग पर फडणवीस ने संवैधानिक नियम समझाते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास किसी संवैधानिक आयोग के अध्यक्ष को सीधे हटाने का अधिकार नहीं होता। यह शक्ति केवल देश के राष्ट्रपति के पास है, वह भी तब जब सुप्रीम कोर्ट जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपता है। हालांकि, सरकार इस पूरे मामले में न्यायिक जांच कराने के लिए तैयार है और यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत पद से हटाने की सिफारिश की जाएगी।
सुधार समिति का किया गठन
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए छात्रों, प्रोफेसरों और पूर्व अभ्यर्थियों से सुझाव लेकर सुधार समिति का गठन भी कर दिया गया है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि अब प्रदर्शन में MPSC के असली मुद्दों के बजाय राजनीतिक भाषण दिए जा रहे हैं। पुलिस ने छात्रों की मौजूदगी को देखते हुए बेहद संयम से काम लिया है, लेकिन नेताओं को छात्रों के कंधों का इस्तेमाल कर राजनीति करना बंद करना चाहिए।
