Delhi News: दिल्ली पुलिस ने ‘बंटी-बबली’ स्टाइल में ठगी करने वाला दंपति को गिरफ्तार, किया गया है। इसके साथ ही एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का भी खुलासा किया है। इस दंपति ने एक ही फ्लैट को बार-बार बेचकर करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। द्वारका साउथ थाना पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से इन शातिर ठगों को पकड़ा है।
फ्लैट सेल का एडवांस पैसा लेकर फरार हो जाते थे आरोपी
आरोपियों की पहचान सुख सागर अपार्टमेंट निवासी 57 वर्षीय नरेश कुमार सिकरी और 55 वर्षीय शारदा सिकरी के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, शारदा सिकरी अपने नाम पर मौजूद फ्लैट के संबंध में कई लोगों के साथ अलग-अलग 'एग्रीमेंट टू सेल' (बिक्री समझौता) करती थी। वह लोगों को झांसे में लेकर उनसे एडवांस में मोटी रकम ले लेती थी और फिर फरार हो जाती थी। साल 2024 में द्वारका साउथ थाने में महिला के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें पीड़ितों ने आरोप लगाया था कि महिला ने फ्लैट बेचने का समझौता कर उनसे पैसे ले लिए, लेकिन न तो फ्लैट दिया और न ही पैसे वापस किए।
लंबे समय से फरार थे आरोपी
पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि यह ठगी का कोई एक मामला नहीं था, बल्कि दंपति ने कई लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की थी। आरोपी शारदा सिकरी को द्वारका कोर्ट पहले ही 24 सितंबर 2025 को 'प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर' (फरार) घोषित कर चुकी थी। उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जा चुकी थी और उसे दिल्ली हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने आखिरकार दोनों को ट्रैक गिरफ्तार कर लिया।
महिला का पति ठगी का मास्टरमाइंड
पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि फ्लैट पहले से ही बैंक में गिरवी रखा था। बैंक से निपटान के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से उन्होंने कई लोगों के साथ ठगी की और 2 से 2.5 करोड़ रुपये तक की रकम जुटाई। पुलिस के अनुसार नरेश कुमार सिकरी लोन एजेंट के तौर पर काम करता था। वह इस पूरे ठगी नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जबकि फ्लैट शारदा सिकरी के नाम पर था, इस कारण उसी के जरिए फ्लैट बेचने के नाम पर फर्जी सौदे किए जाते थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।
