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Delhi GRAP-4 : दिल्ली की हवा में सुधार, ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाई गईं

दिल्ली में 24 दिसंबर की शाम तक एक्यूआई लेवल कम होने से ग्रैप-4 के चौथे चरण को हटा लिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी से सुधरकर 'खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद सीएक्यूएम ने चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के चौथे चरण के तहत लागू प्रतिबंध हटाए गए।

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दिल्ली पॉल्यूशन

दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से राहत मिली। हवा में सुधार के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर से ग्रैप स्टेज-IV की पाबंदियां हटा दीं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उससे सटे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार को देखते हुए ग्रैप के स्टेज-IV के तहत लागू कड़े प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है। हालांकि, स्टेज-I, II और III के तहत उपाय यथावत रहेंगे और उन्हें और अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा। आयोग ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में 21 नवंबर 2025 को जारी संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत लिया। वर्तमान में 14 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 13 दिसंबर 2025 के आदेशों के अनुसार स्टेज-I, II, III और IV लागू थे।

ग्रैप पर गठित उप-समिति ने बुधवार को हुई बैठक में क्षेत्र की वायु गुणवत्ता और आईएमडी-आईआईटीएम के पूर्वानुमानों की समीक्षा की। समिति ने पाया कि तेज हवाओं और अनुकूल मौसम के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 24 दिसंबर को एक्यूआई 271 दर्ज किया गया, जो ‘खराब' श्रेणी में आता है। हालांकि, आने वाले दिनों में हवाओं की गति कम होने से वायु गुणवत्ता बढ़ने की संभावना जताई गई है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उप-समिति ने 13 दिसंबर के उस आदेश को रद्द करने का फैसला किया, जिसके तहत स्टेज-IV लागू किया गया था।

हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि स्टेज-I, II और III के अंतर्गत सभी उपाय 21 नवंबर के संशोधित ग्रैप के अनुसार पूरे एनसीआर में सख्ती से लागू और निगरानी में रहेंगे, ताकि वायु गुणवत्ता फिर से 'अति गंभीर' श्रेणी में न पहुंचे। सभी संबंधित एजेंसियों को स्टेज-II और III के तहत उपायों को और अधिक तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, शीतकालीन मौसम को देखते हुए नागरिकों से अपील की गई है कि वे ग्रैप स्टेज-I, II और III के तहत जारी नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन करें।

स्टेज IV (“Severe+” AQI > 450) की कार्रवाइयां रद्द।

स्टेज I, II & III की कार्रवाइयां जारी और सख्ती से लागू।

AQI की निगरानी जारी रहेगी।

रद्द करने का कारण

  • दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार (AQI 271)।
  • तेज़ हवाओं और अनुकूल मौसम के कारण सुधार।
  • आने वाले दिनों में धीमी हवाओं के कारण AQI बढ़ सकता है।

निर्णय

  • स्टेज IV कार्रवाइयां तुरंत रद्द।
  • स्टेज I, II & III को लागू और सख्ती से मॉनिटर किया जाएगा।
  • नागरिकों से अनुरोध – Stage I, II & III चार्टर का पालन।
  • मौसम और AQI के आधार पर स्थिति की निरंतर समीक्षा।

सुबह ऐसा था एक्यूआई

नेहरू नगर में एक्यूआई 392, पुसा (डीपीसीसी) में 383, मुंडका में 378, ओखला फेज-2 में 374, विवेक विहार में 373, वजीरपुर में 368, रोहिणी में 367 और पंजाबी बाग में 366 दर्ज किया गया। नरेला में एक्यूआई 346 और नजफगढ़ में 311 रहा, जबकि शादिपुर में 310 और नॉर्थ कैंपस डीयू में 324 रिकॉर्ड किया गया।

इन सभी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की हवा लगातार रेड जोन में बनी हुई है। नोएडा की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। सेक्टर-1 नोएडा में एक्यूआई 392, सेक्टर-125 में 349, सेक्टर-116 में 357 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-62 नोएडा में एक्यूआई 296 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 354 और नॉलेज पार्क-3 में 321 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में भी प्रदूषण गंभीर बना हुआ है। वसुंधरा में एक्यूआई 371, संजय नगर में 335, लोनी में 270 और इंदिरापुरम में 240 रिकॉर्ड किया गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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