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गणतंत्र दिवस 2026 पर किले में तब्दील हुई दिल्ली; 10,000 जवान और 3000 CCTV कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी

गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। नई दिल्ली क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए निगरानी को और मजबूत किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान आम लोगों और प्रतिभागियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

Delhi Police Tightens Multi-Layered Security Arrangements for Republic Day 2026 (Symbolic Photo)

दिल्ली पुलिस की गणतंत्र दिवस 2026 के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था (प्रतीकात्मक फोटो)

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मद्देनजर बहुस्तरीय और सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसके तहत नई दिल्ली इलाके में करीब 10,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा निगरानी को मजबूत बनाने के लिए एआई तकनीक से लैस स्मार्ट चश्मों और सीसीटीवी कैमरों जैसी आधुनिक प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को साझा की।

नई दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश कुमार महाला ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जांच चौकियां, बैरिकेडिंग और अन्य मानक सुरक्षा प्रक्रियाएं लागू की गई हैं। सभी तैनात कर्मियों को ड्यूटी से पहले बिंदुवार निर्देश दिए गए हैं, सुरक्षा योजनाओं की जानकारी साझा की गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास भी कराया गया है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने क्या बताया?

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार, आधुनिक निगरानी व्यवस्था के तहत परेड मार्ग और उससे जुड़े इलाकों सहित पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो वीडियो एनालिटिक्स और फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हैं। उन्होंने बताया कि इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फुटेज पर 30 से ज्यादा नियंत्रण कक्षों से चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी, जहां लगभग 150 प्रशिक्षित कर्मी तैनात रहेंगे। इसके साथ ही, मैदान में तैनात पुलिसकर्मियों को एआई आधारित स्मार्ट चश्मे भी दिए जाएंगे, जिनमें एफआरएस और वीडियो एनालिटिक्स की सुविधा मौजूद होगी।

डाटाबेस से सीधे जुड़े होंगे उपकरण

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि भारत में विकसित ये उपकरण पुलिस के डाटाबेस से सीधे जुड़े होंगे, जिससे अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों की जानकारी वास्तविक समय में मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में यदि किसी व्यक्ति का चेहरा डेटाबेस से मेल खाता है, तो उसे तुरंत पहचान लिया जाएगा।

सुरक्षा इंतजामों में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग के साथ-साथ प्रवेश स्थलों पर कई चरणों में जांच और तलाशी की व्यवस्था की गई है। रणनीतिक स्थानों पर एफआरएस तकनीक से लैस मोबाइल निगरानी वाहनों की तैनाती भी की जाएगी। क्षेत्र की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए नई दिल्ली, उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में हजारों छतों को निगरानी के दायरे में चिन्हित किया गया है।

पुलिस उपायुक्तों द्वारा मार्गों का सर्वेक्षण और तोड़फोड़ रोधी जांच पूरी कर ली गई है। साथ ही बाजारों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर भर में किरायेदारों और घरेलू सहायकों के सत्यापन सहित अन्य एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और जनता से सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई है।

(इनपुट - भाषा)

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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