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'भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत', छात्रों की गूंज कार्यक्रम में गरजे राहुल गांधी; बोले- रोजगार के सभी दरवाजे हैं बंद

Chhatron Ki Goonj: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि एक समय इलाहाबाद यूनिवर्सिटी देश की सबसे शानदार यूनिवर्सिटी होती थी।

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'भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत', छात्रों की गूंज कार्यक्रम में गरजे राहुल गांधी; बोले- रोजगार के सभी दरवाजे हैं बंद

Chhatron Ki Goonj: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं से 'दर्द, डेटा और दौलत' के मुद्दे पर बात की और मंच पर लगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरों की ओर इशारा करते हुए कहा, ''डेटा आपका, दर्द आपका, लेकिन दौलत इनकी? यह सिस्टम है। यह इन लोगों का तंत्र है।''

'प्रयागराज आकर मुझे होती है खुशी'

उन्होंने कहा कि मेरे परिवार का घर प्रयागराज में था। मुझे यहां आकर बहुत खुशी होती है। ये शहर ज्ञान का केंद्र होता था और एक समय इलाहाबाद यूनिवर्सिटी देश की सबसे शानदार यूनिवर्सिटी होती थी। छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ''आपका दर्द, आपका डाटा और उनका धन... इन तीन चीजों के बारे में मैं आपसे बात करना चाहता हूं।''

'देश के पास सबसे ज्यादा यूथ की ताकत'

उन्होंने कहा कि मैं भीड़ की बात नहीं कर रहा, बल्कि देश के हर नागरिक और युवाओं की बात कर रहा हूं। आप सभी के भीतर ज्ञान, सामर्थ्य और क्षमता है। अगर देश आगे बढ़ेगा तो वह आपके ताकत और स्ट्रेंथ पर बढ़ेगा। हिंदुस्तान के पास दुनिया में सबसे ज्यादा यूथ की ताकत है। इस देश में 40 करोड़ युवा रहते हैं, जो इस देश की स्ट्रेंथ है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति के सामने चीन, अमेरिका और रूस कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा यूथ और डाटा है।

'रोजगार के सभी दरवाजे हैं बंद'

राहुल गांधी ने कहा, ''छात्र पढ़ाई करते हैं, पैसा लगाते हैं, लेकिन रोजगार के सभी दरवाजे बंद पड़े हैं... मैन्युफैक्चरिंग, एंटरप्रेन्योरशिप, सरकारी नौकरी, पब्लिक सेक्टर, कॉर्पोरेट जॉब। सच्चाई यही है कि पांचों दरवाजे बंद है, इसलिए आपको भयंकर दर्द हो रहा है।''

उन्होंने बताया कि आज दुनिया में मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम और मेड इन बांग्लादेश दिखेगा, लेकिन मेड इन इंडिया नहीं दिखेगा, क्योंकि नोटबंदी, जीएसटी ने हमारे मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम को खत्म कर दिया है। छोटे कारोबारी, जो हमें रोजगार दिलाते थे, वो खत्म हो गया है। दूसरा दरवाजा एंटरप्रेन्योरशिप, जिसे स्टार्ट अप इंडिया कहा गया। देश के बैंक आप जैसे छात्रों को एक रुपये नहीं देंगे, लेकिन अडाणी-अंबानी को लाखों-करोड़ों रुपये देते हैं। आप लोगों को एक रुपये भी नहीं देंगे। 90 प्रतिशत स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री को लोन नहीं मिलता है। इसलिए एंटरप्रेन्योरशिप का दरवाजा बंद है।

राहुल गांधी ने आगे बताया कि तीसरा दरवाजा सरकारी नौकरी का है, जिसमें आप सभी पेपर लीक का सामना करते हैं। उसमें 150 युवाओं में से किसी एक को नौकरी मिलती है। पब्लिक सेक्टर 10 साल पहले 14 लाख युवाओं को रोजगार देता था। उन पब्लिक सेक्टर्स का निजीकरण कर दिया गया। पब्लिक स्कूल, अस्पताल बंद कर दिए गए... कॉर्पोरेट जॉब, जो आपकी आखिरी उम्मीद थी, वो दरवाजा भी आपके डेटा का प्रयोग करके एआई से उसे भी बंद किया जा रहा है।

'हम छात्र हैं आंदोलनकारी नहीं'

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी के समक्ष छात्रों ने अपनी पीड़ाएं सुनाईं। इस दौरान, एक छात्रा ने बताया, ''25 जुलाई को जब आप लोग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खुशी मना रहे थे तब बिहार के छात्रों में अलग सा डर और भय मौजूद था। उन्हें कहीं से भी गिरफ्तार या डिटेन कर लिया जाता था और उन्हें किस पुलिस स्टेशन में भेजा जाता। इसकी कोई जानकारी नहीं थी।''

छात्रा ने आगे बताया कि जब एक बिहार की लड़की अपनी पढ़ाई के लिए लड़ती है तो उसकी पहली लड़ाई घरवालों से होती है, वह जैसे-तैसे घर से निकल तो जाती है, लेकिन बिहार सरकार वैकेंसी नहीं निकालती है। फिर उसके लिए वह प्रोटेस्ट करती हैं। इसके बाद वैकेंसी निकलती है तो पेपर लीक हो जाता है। लड़कियां फिर उसके लिए प्रोटेस्ट करती हैं। इसी दौरान, उन्हें मारा जाता है और डीटेन कर लिया जाता है। हम छात्र हैं, आंदोलनकारी नहीं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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