दिल्ली पुलिस ने असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन से जुड़ी है। ACP मनस्वी वशिष्ठ भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। पुलिसकर्मी दो अधिकारियों के तबादले के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे। हालांकि, एसीपी के निलंबन को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दो अधिकारियों के ट्रांसफर के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
सोमवार को दिल्ली पुलिस के करीब 150 जवानों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं। प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मियों की मांग थी कि ACP मनस्वी वशिष्ठ और इंस्पेक्टर अरुण कुमार को उनकी पुरानी तैनाती पर वापस भेजा जाए। दरअसल, दोनों अफसरों के तबादले के फैसले से पुलिस विभाग के निचले रैंक के कर्मचारियों में नाराजगी थी। इसी के विरोध में पुलिसकर्मी मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए थे।
शाहदरा थाने में वकील से विवाद के बाद बढ़ा मामला
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से हुई थी। यहां वकील ललित बंसल को कथित हाथापाई के दौरान सिर में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव के हालात बन गए। विरोध में जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। मामले को शांत करने के लिए ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद एफआईआर और शिकायतों की दो महीने तक जांच कराने का आश्वासन मिलने पर वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।
28 अक्टूबर को हुआ था ACP का तबादला
ACP मनस्वी वशिष्ठ पहले गांधी नगर में सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात थे। 28 अक्टूबर को उनका तबादला स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में कर दिया गया था। वहीं, इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट में भेजा गया था। बताया गया है कि मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को पत्र लिखकर ओपन हाउस यानी संपर्क सभा आयोजित करने की मांग भी की थी। फिलहाल ACP के निलंबन की कार्रवाई को पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
