NDMC Parking Fee Hike: राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने क्रमिक प्रतिक्रिया कार्ययोजना (GRAP) के दूसरे चरण के तहत अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित सभी पार्किंग स्थलों के शुल्क में दोगुनी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी के चरण दो के प्रावधानों को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, क्योंकि शहर की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है।
शुल्कों में दो गुना वृद्धि
मंगलवार शाम सात बजे तक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 302 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आदेशों का पालन करते हुए 29 अक्टूबर से लेकर जीआरएपी के दूसरे चरण की समाप्ति तक, एनडीएमसी द्वारा संचालित सभी पार्किंग स्थलों चाहे वे सड़क किनारे हों या इनडोर के शुल्कों में दो गुना वृद्धि की गई है।
इस तरह से होगा शुल्क
अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में एनडीएमसी कुल 126 पार्किंग स्थलों का संचालन करती है, जिनमें 99 सड़क किनारे पार्किंग स्थान और तीन इनडोर या मल्टी-लेवल कार पार्क शामिल हैं। अधिकारी के अनुसार, नए संशोधित दरों के तहत अब चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क 20 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति घंटा हो गया है। दोपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये प्रति घंटा शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि बसों के पार्किंग शुल्क को 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति घंटा कर दिया गया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ी हुई दरें मासिक पास धारकों पर लागू नहीं होंगी।
सुधार के बाद भी हालात खराब
बुधवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार देखा गया, हालांकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 279 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यह जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दी। सीपीसीबी के 24 घंटे के औसत आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का एक्यूआई 279 रहा, जबकि मंगलवार को यह 294 और सोमवार को 301 था जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में शामिल है। सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, थोड़े सुधार के बावजूद राजधानी के कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अब भी ऊंचा बना हुआ है।
19 में एक्यूआई 300 से अधिक दर्ज
दिल्ली के 38 मॉनिटरिंग केंद्रों में से 19 में एक्यूआई 300 से अधिक दर्ज किया गया, जिनमें वजीरपुर (347), विवेक विहार (339), रोहिणी (337) और आनंद विहार (331) प्रमुख रूप से शामिल हैं। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 0–50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51–100 को ‘संतोषजनक’, 101–200 को ‘मध्यम’, 201–300 को ‘खराब’, 301–400 को ‘बहुत खराब’ और 401–500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर तक शहर की हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है, जबकि 1 नवंबर को यह ‘बहुत खराब’ स्तर तक गिरने की संभावना है।
(इनपुट - भाषा)
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