दिल्ली

मनीष सिसोदिया को एक तरफ लगा झटका, तो दूसरी ओर अदालत ने दे दी राहत; जानें क्या है माजरा

Delhi News: दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में जेल में बंद दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को एक ओर थोड़ी राहत मिली तो दूसरी तरफ अदालत से फिर झटका लगा है। विकास कार्य के लिए अदालत ने उन्हें विधायक फंड जारी करने की इजाजत दे दी है। आपको बताते हैं कोर्ट ने क्या कहा।

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मनीष सिसोदिया, पूर्व उपमुख्यमंत्री, दिल्ली।

Photo : Times Now Digital

Court on Manish Sisodia: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के लिए शनिवार का दिन मिला-जुला रहा। एक ओर उन्हें खुशखबरी हाथ लगी, तो दूसरी तरफ उनको अदालत ने एक बार फिर झटका दिया। दिल्ली आबकारी घोटाला (Delhi Excise Scam) मामले में जेल में बंद सिसोदिया को विकास कार्य के लिए विधायक फंड जारी करने की राउज ऐवन्यू कोर्ट से अनुमति मिल गई है।

विकास कार्यों पर खर्च होंगे 3 करोड़ रुपये

खिचड़ीपुर गांव, ईस्ट विनोद नगर, आवासीय कालोनी खिचड़ीपुर, रेलवे कॉलोनी व मंडावली में कई विकास कार्यों पर 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खिचड़ीपुर में ओपन स्पेस का सौंदर्यीकरण, वेस्ट विनोद नगर में स्वाति पार्क का सौंदर्यीकरण, मयूर विहार फेस-2 और फिरनी मोड़ खिचड़ीपुर पर प्रवेश द्वार समेत अन्य कार्य किए जाएंगे।

मनीष सिसोदिया ने कोर्ट से अपनी पटपड़गंज विधानसभा में विभिन्न विकास कार्य के लिए विधायक फंड से तीन करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति मांगी थी।

सिसोदिया को फिर कोर्ट से लगा झटका

इसके अलावा दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है। सुनवाई के दौरान सिसोदिया के वकील विवेक जैन ने कोर्ट में तर्क दिया कि सीबीआई (CBI) अदालत को गुमराह कर रही है। इसका जवाब देने के लिए सीबीआई का पक्ष रख रहे वकील डीपी सिंह ने दिया।

कम नहीं हो रही AAP की मुश्किलें

उन्होंने कहा कि जून के बाद नए सबूत सामने आए हैं और वे इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जानकारी देंगे। इससे पहले ईडी (ED) ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली शराब घोटाले के तीनों आरोपियों को पेश किया था। यहां पर ईडी ने हिरासत अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। अदालत ने ईडी की दलीलों को सुनने के बाद सीएम केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक और मनीष सिसोदिया और के. कविता की न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी थी।

इसी के साथ राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी को आरोपी व्यक्तियों को दो दिनों के भीतर चार्जशीट और दस्तावेजों की कॉपियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इससे पहले ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9वीं चार्जशीट दाखिल की थी। साथ ही विनोद चौहान नाम के शख्स को आरोपी बनाया था। ईडी ने जांच के तहत मई में चौहान को गिरफ्तार किया गया था।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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