दिल्ली सरकार ने पेंशन वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वृद्धावस्था, महिला, विधवा और विकलांग पेंशन के लाभार्थियों के लिए अब जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यह निर्णय पेंशन प्रणाली में अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही, सरकार ने घोषणा की है कि बंगलों और महंगी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को पेंशन लाभ से वंचित किया जाएगा।
वर्तमान में दिल्ली में हर महीने चार लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन प्रदान की जाती है, जो उनके जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता का एक प्रमुख हिस्सा है। हालांकि, कई अयोग्य लोग भी इसका लाभ उठा रहे हैं, जिसके चलते सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। भाजपा ने सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं, यह सवाल उठाते हुए कि गरीबों के लिए बनाई गई सुविधाओं का लाभ संपन्न लोग क्यों उठा रहे हैं।
फिजिकल वेरिफिकेशन की व्यवस्था
ऐसे में पेंशन प्राप्तकर्ताओं के फिजिकल वेरिफिकेशन की व्यवस्था की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपने दिए गए पते पर रह रहे हैं। साथ ही, सभी लाभार्थियों को अपना जीवन प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। यह नियम महिलाओं, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए दी जाने वाली पेंशन पर भी लागू होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति ही पेंशन का लाभ प्राप्त करें।
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