दिल्ली

पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर पसरा अवैध फैक्ट्रियों का कूड़ा; नगर निगम की लापरवाही से जनता का हाल-बेहाल

पूर्वी दिल्ली के यमुनापार इलाके में अवैध फैक्ट्रियों की वजह से सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। जाफराबाद, वेलकम और सीलमपुर जैसे क्षेत्रों में रात के समय फैक्ट्री संचालक सड़क किनारे कपड़ों की कतरन और कचरा फेंकते हैं। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी और लगातार जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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अवैध फैक्ट्रियों की वजह से सड़कों पर कूड़ा (सांकेतिक फोटो: Canva)

Delhi Illegal Factories: पूर्वी दिल्ली के यमुनापार इलाके में अवैध फैक्ट्रियों की लापरवाही ने सड़कों को कूड़े के ढेर में बदल दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। जाफराबाद, वेलकम, सीलमपुर और पुराना सीलमपुर जैसे क्षेत्रों में करीब 250 अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें ज्यादातर कपड़े की सिलाई से जुड़ी हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये फैक्ट्री संचालक रात के समय कपड़ों की कतरन और अन्य कचरा बोरियों में भरकर सड़कों के किनारे फेंक देते हैं। नगर निगम की लापरवाही के चलते यह कूड़ा कई दिनों तक सड़क पर पड़ा रहता है, जिससे ट्रैफिक जाम जैसी समस्या लगातार बनी रहती है।

जाफराबाद रोड मार्केट एसोसिएशन द्वारा "कूड़ा न डालें" जैसे पोस्टर लगाए गए हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक इन फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।

वेलकम ईदगाह और पुराना सीलमपुर इलाके में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है, जहां रोजाना अवैध रूप से कचरा फेंका जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि वे सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं और गंदगी फैलाने वाले फैक्ट्री मालिकों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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