Delhi: दिल्ली और मेरठ के बीच बन रहे देश के पहले रैपिड रेल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) के पहले खंड पर रैपिड रेल मार्च माह से दौड़ने लगेगी। इस समय रेल का ट्रायल रन हो रहा है, जिसमें यह ट्रेन 160 किमी प्रति घंटा के रफ्तार से फर्राटा भर रही है। इस बीच रैपिड रेल के किराए को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। जिसके अनुसार, रैपिड रेल में अत्याधुनिक ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एफपीएस) सिस्टम लागू होगा। मेट्रो की तरफ इसमें भी यात्रियों से एंट्री और एग्जिट लोकेशन के हिसाब से किराया वसूला जाएगा। यात्रियों के पास डिजिटल और पेपर दोनों तरह के क्यूआर कोड वाला टिकट होगा। इसके अलावा यात्री नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) या ओपन लूप कॉन्टैक्टलेस कार्ड का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।
बता दें कि मुंबई मेट्रो में एनसीएमसी का इस्तेमाल बीते माह शुरू हो चुका है और जल्द ही दिल्ली मेट्रो में भी इसका इस्तेमाल शुरू होने वाला है। रैपिड रेल के यात्री भी एनसीएमसी कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा स्टेशनों पर टिकट के लिए वेंडिंग मशीनें लगेंगी, जहां से यात्री पेपर क्यूआर टिकट ले सकेंगे। आरआरटीएस अधिकारियों ने बताया कि, यात्रियों को मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से भी डिजिटल टिकट लेने की सुविधा भी मिलेगी। इन सभी सिस्टम को तैयार किया जा रहा है।
एडवांस एएफसी सिस्टम का ट्रायल शुरू
आरआरटीएस अधिकारियों ने बताया कि रैपिड रेल में आधुनिक और एडवांस एएफसी सिस्टम लागू होगा। यह सिस्टम गाजियाबाद के दुहाई डिपो स्टेशन तक लग चुका है और अब इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो गई है। यह यात्रियों के सफर को बेहद आसान बना देगा। रैपिड रेल में सफर करने वाले यात्रियों को टिकट के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। बता दें कि एनसीएमसी सिस्टम भारत सरकार के 'वन नेशन, वन कार्ड' विजन से जुड़ा है। इसे देश भर के सभी परिवहन में लागू किया जाना है। वहीं, 82 किमी लंबा रैपिड रेल 2025 तक पूरा होगा। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दो डिपो स्टेशनों समेत कुल 25 स्टेशन होंगे। साहिबाबाद से दुहाई के बीच इसका पहला हिस्सा 17 किलोमीटर तक इस साल मार्च तक शुरू होने की संभावना है।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
