दिल्ली

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री हरशरण सिंह बल्ली BJP में शामिल

Harsharan Singh Balli Joins BJP: AAP के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री सरदार हरशण सिंह बल्ली आज बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उनके साथ उनके बेटे सरदार गुरमीत सिंह रिंकू ने भी भाजपा का दामन थामा है।

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सरदार हरशरण सिंह बल्ली BJP में शामिल।

Photo : Twitter

Harsharan Singh Balli Joins BJP: दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। AAP के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री सरदार हरशण सिंह बल्ली बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उनके साथ उनके बेटे सरदार गुरमीत सिंह रिंकू ने भी भाजपा का दामन थामा है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव ने दोनों को पार्टी में शामिल कराया है।

जानकारी के मुताबिक, हरशरण सिंह बल्ली ने अपने पुराने सहयोगी सुभाष आर्य और सुभाष सचदेवा की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। उनके बेटे गुरमीत सिंह रिंकू, आम आदमी पार्टी के बड़े युवा चेहरे थे। बता दें, हरण सिंह बल्ली दिल्ली की हरि नगर सीट से चार बार के विधायक रह चुके हैं।

इस नेता ने भी छोड़ी कांग्रेस पार्टी

दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच पार्टी बदलने का सिलसिला जारी है। इस बीच, कांग्रेस पार्टी को भी बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता और सीलमपुर विधानसभा सीट से 5 बार विधायक रहे कांग्रेस के मतीन अहमद ने भी रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए हैं। इससे पहले उनके अक्टूबर महीने में उनके बेटे और बहू ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था और आप में शामिल हुए थे।

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Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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