दिल्ली

सांसदों के क्वार्टर में पटाखे से लगी थी आग; रखरखाव की हालत थी खराब, निवासियों ने उठाए सवाल

दिल्ली के बाबा खड़ग सिंह मार्ग स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में शनिवार दोपहर भीषण आग लगने की घटना ने उच्च सुरक्षा वाले सांसदों के आवास परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्यसभा सदस्यों और उनके परिवारों के निवास वाले इस परिसर में आग से सुरक्षा की बुनियादी सुविधाओं की कमी और खराब रखरखाव को लेकर निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आग में कुछ बच्चे घायल हुए हैं और कई परिवारों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पटाखों की चिंगारी से फर्नीचर के ढेर में आग लगी, जो तेजी से फैल गई।

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आग से बचने के लिए नहीं थी बुनियादी व्यवस्था (चित्र साभार: ANI)

Photo : ANI

Delhi Fire News: दिल्ली के एक सांसदों के आवास परिसर में शनिवार दोपहर लगी भीषण आग के बाद निवासियों ने कहा कि इस उच्च सुरक्षा वाले परिसर में सांसदों और उनके कर्मचारियों का आवास होने के बावजूद इसमें आग से सुरक्षा की बुनियादी तैयारी तक नहीं थी और रखरखाव की हालत भी खराब थी। बता दें कि इस अपार्टमेंट में राज्यसभा के सदस्य और उनके परिवार रहते हैं। निवासियों ने दावा किया कि बाबा खड़ग सिंह मार्ग स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में लगी आग में कुछ बच्चे घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है तथा कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है।

पटाखे से लगी आग

निवासियों ने बताया कि आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी, जहां पार्किंग थी लेकिन वहां फर्नीचर, पॉलिशिंग सामग्री और कई ज्वलनशील चीजों का अंबार था। अधिकारियों ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन निवासियों का कहना है कि यह आग तब लगी जब पटाखे फोड़ने के दौरान फर्नीचर के ढेर में आग लग गई, जो बाद में तेजी से फैली।

घंटे भर देरी से आई दमकल की गाड़ियां

उन्होंने कहा, ‘‘यह लगभग सोफा के गोदाम जैसा लग रहा था। हम पानी के लिए दौड़े, लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। हम अग्निशमक यंत्रों और पाइपों के पास गए, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं थी।’’ कई सांसदों के लिए काम करने वाले और इस घटना को सबसे पहले देखने वालों में से एक गंगाराम वाल्मीकि ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वे करीब एक घंटा देरी से आए।’’

DFS ने किया इनकार

हालांकि, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) ने देरी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही कई टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। अधिकारियों के अनुसार, DFS को दोपहर 1.22 बजे आग लगने की सूचना मिली और 1.40 बजे तक कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि 14 दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और दोपहर 2.10 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।

पहली मंजिल में हुआ ज्यादा नुकसान

उत्तराखंड के सांसद नरेश बंसल के निजी सहायक कमल गहतोड़ी ने पीटीआई को बताया कि पहली मंजिल सबसे अधिक प्रभावित हुई है। वह उसी मंजिल पर रहते हैं। जब आग लगी, तब वे एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और उनका परिवार दिवाली की छुट्टियों में शहर से बाहर गया हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका रसोइया काम पर गया हुआ था जबकि उसकी पत्नी, दो छोटे बच्चे और उसकी बुजुर्ग मां घर में ही थीं।

गहतोड़ी ने कहा, ‘‘रसोइये की पत्नी दूध लेने नीचे गई थी और जब वह वापस आई, तो उसने आग देखी। वह तुरंत अपने परिवार को बचाने के लिए घर के अंदर भागी। उसकी बुजुर्ग सास हिल भी नहीं पा रही थी, लेकिन किसी तरह वह उन्हें बचाने में कामयाब रही।’’

कई परिवार हुए बेघर

उन्होंने कहा कि अंदर सब कुछ जलकर खाक हो गया था। गहतोड़ी ने कहा, ‘‘अलमारियों में रखा हमारा सारा सामान, दस्तावेज, गहने, कपड़े, यहां तक कि साड़ियां भी जलकर खाक हो गईं। अब सब कुछ खत्म हो गया है।’’ हर मंजिल पर आठ कर्मचारियों के क्वार्टर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पहली मंजिल पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है और सबसे अधिक प्रभावित हुई है। मुझे बाकी मंजिल के बारे में ठीक से पता नहीं है।’’ कई निवासियों ने सरकारी आवासीय भवनों के रखरखाव और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना के कारण कई कर्मचारियों के परिवार बेघर हो गए हैं।

20 परिवार प्रभावित

कमल वाल्मीकि ने बताया कि धनतेरस की पूर्व संध्या पर करीब 20 परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘आज धनतेरस है और लोग त्योहार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब कई परिवार अपना सब कुछ खो चुके हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस घटना ने आवासीय परिसर के रखरखाव में गंभीर खामियों को उजागर किया है।

CPWD का आया बयान

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2016 के प्रावधानों के अनुसार, ‘स्टिल्ट क्षेत्र’ में स्वचालित स्प्रिंकलर उपलब्ध नहीं हैं। ये प्रावधान ऐसे स्थानों में स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य नहीं करते हैं। विभाग ने कहा, "नयी दिल्ली के बीडी मार्ग स्थित ब्रह्मपुत्र भवन में सांसदों के फ्लैटों के स्टाफ क्वार्टर ब्लॉक में आज दोपहर आग लगने की घटना हुई। यह घटना स्टिल्ट क्षेत्र में हुई, जहां कुछ बेकार फर्नीचर रखा हुआ था। इन सामानों को फेंका जाना था।’’ बयान में कहा गया है कि दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से पहले, सीपीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने इमारत की बिजली आपूर्ति और आईजीएल गैस कनेक्शन को तुरंत काट दिया और एहतियाती उपाय के रूप में सुनिश्चित किया कि परिसर को तुरंत खाली हो।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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