दिल्ली

दिल्ली में अब सड़कों पर कुत्तों की आबादी पर सख़्ती से नियंत्रण, नई गाइडलाइंस जारी

दिल्ली सरकार राजधानी में कुत्तों के हमले, उनकी बढ़ती संख्या और पंजीकरण कराने को लेकर दिशा निर्देश जारी किया। इंडियन ब्रीड के कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन विदेशी ब्रीड के कुत्तों के लिए ये जरूरी है।

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कुते (फाइल फोटो:istock)

आम लोगों और कुत्तों के बीच टकराव कम करने के लिए दिल्ली सरकार की बड़ी पहल, दिल्ली सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने, रेबीज उन्मूलन और मानव-कुत्ता संघर्ष को कम करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं।ये दिशानिर्देश ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) रूल्स 2023’ और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार बनाए गए हैं।

दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC), और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (DCB) को इन गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा।

गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु-

1. जिम्मेदारियां तय की गईं

स्थानीय निकायों को सिर्फ उन्हीं एनिमल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन्स (AWOs) के साथ काम करना होगा जिन्हें AWBI (Animal Welfare Board of India) से मान्यता प्राप्त हो।

इन संस्थाओं को स्टाफ की ट्रेनिंग भी AWBI के ABC ट्रेनिंग सेंटर से लेनी होगी।

2. बिना मंजूरी कोई कार्यक्रम नहीं

कोई भी संस्था या निकाय बिना AWBI से "Certificate of Project Recognition" लिए स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी या टीकाकरण नहीं कर सकता।

3. ABC सेंटर्स की आवश्यक सुविधाएं

हर सेंटर में निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य हैं:

अलग-थलग रखने वाले केनेल्स समेत पर्याप्त संख्या में केनेल्स।

ऑपरेशन थिएटर जिसमें पावर बैकअप हो।

विशेष रूप से डिज़ाइन की गई गाड़ियाँ जो कुत्तों को सुरक्षित ढंग से लाने-ले जाने में सक्षम हों।

डेड बॉडीज़ को निपटाने के लिए इंसीनरेटर या डीप बरीयल फेसेलिटी।

24x7 सीसीटीवी कैमरा की निगरानी (रिकॉर्ड कम से कम 30 दिन रखना अनिवार्य)।

4. हर कदम का रिकॉर्ड रखना जरूरी

कुत्तों की पकड़ने से लेकर उनकी नसबंदी, टीकाकरण, खाना, दवाएं और रिहाई तक हर गतिविधि का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।

5. खर्च की भरपाई

नसबंदी और टीकाकरण का खर्च AWO को मिलेगा, ऑर्गन काउंटिंग के प्रमाण के आधार पर।

6. मॉनिटरिंग कमेटी का गठन

हर स्थानीय निकाय को Local ABC Monitoring Committee बनानी होगी जो हर महीने बैठक कर प्रगति की समीक्षा करेगी।

7. AWO की निगरानी और शिकायतों की जांच

किसी भी शिकायत की स्थिति में AWO को निलंबित या समाप्त भी किया जा सकता है, यदि वह नियमों का उल्लंघन करता है।

इस पूरी योजना का मुख्य मकसद है:

दिल्ली में सड़कों पर कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण।

रेबीज जैसे खतरनाक रोगों को खत्म करना।

इंसानों और कुत्तों के बीच झगड़े और हमलों की घटनाओं को रोकना।

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bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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