दिल्ली

दिल्ली के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, DPS में आया धमकी भरा ई-मेल

Delhi School Bomb Threat: दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिसके बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई।

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दिल्ली के एक और स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी

Photo : ANI

Delhi School Bomb Threat: दिल्ली के एक स्कूल को फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस बार धमकी भरा ई-मेल दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), मथुरा रोड में आया है। मेल में स्कूल में बम रखे जाने की धमकी दी गई है, जिसके बाद आला अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। पुलिस के साथ दमकल विभाग की टीम और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया है। स्कूल को खाली कराकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

स्कूल में नहीं मिली संदिग्ध वस्तु

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) राजेश देव ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद बताया कि स्कूल परिसर में अभी तक कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। उन्होंने कहा, स्थिति सामान्य है। बम निरोधक दस्ता, खोजी कुत्ता दस्ता और स्वाट की एक टीम स्कूल की इमारत की छानबीन कर रहे हैं। बम की धमकी मिलने संबंधी खबर सामने आते ही स्कूल परिसर के बाहर परेशान अभिभावकों की भीड़ इकट्ठा हो गई। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल को सुबह आठ बजे के आसपास खाली कराया गया और दमकल विभाग को धमकी भरे ईमेल की जानकारी दी गई। इसके बाद एक दमकल वाहन को घटनास्थल पर भेजा गया।

इंडियन स्कूल को भी मिली थी बम से उड़ाने की धमकी

इससे पहले 12 अप्रैल को दिल्ली के सादिक नगर स्थित इंडियन स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी ली गई थी। हालांकि, तीन दौर की तलाशी के बाद स्कूल में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। अधिकारियों का कहना था कि यह फर्जी काल थी। इंडियन स्कूल में भी ई-मेल के माध्यम से बम की धमकी दी गई थी।

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Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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