दिल्ली ब्लास्ट अपडेट
Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भीषण कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया। यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुआ, जब ट्रैफिक सिग्नल पर कई वाहन मौजूद थे। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के भी परखच्चे उड़ गए और इलाके में अफरातफरी मच गई। इस घटना में अब तक 12 लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस, एनआईए और आईबी समेत देश की शीर्ष जांच एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं। दिल्ली ब्लास्ट मामले में कई बड़े खुलासे हुए हैं और अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 6 डॉक्टर हैं। इन लोगों का संबंध सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से बताया जा रहा है। फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से ब्लास्ट की प्लानिंग होने के भी सबूत मिले हैं, जहां से कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। डॉक्टर शाहीन और उसके भाई जावेद की गिरफ्तारी के बाद सबूत और मजबूत हुए हैं। शाहीन ने पूछताछ में कुबूल किया है कि वो पिछले दो सालों से विस्फोटक जमा कर रही थी। शाहीन और उसके साथी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवल-उल-हिंद नाम के संगठनों से जुड़े हुए थे। इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड डॉ. उमर मोहम्मद बताया जा रहा है, जो i20 कार चला रहा था। सूत्रों के अनुसार ब्लास्ट में उसकी मौत हो गई है। इस घटना के संबध जांच एजेंसियां अब तेजी से जांच को आगे बढ़ा रही हैं। दिल्ली ब्लास्ट पर हर पल की अपडेट यहां पढ़ें:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पूरी कर बुधवार को दिल्ली लौट आए हैं। राजधानी वापस आते ही वे सबसे पहले एलनजेपी अस्पताल पहुंचे। जहां पीएम ने घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनके हालचाल की जानकारी ली।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद मथुरा में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। धमाकों के बाद जारी किए गए अलर्ट को देखते हुए संत प्रेमानंद महाराज ने भी अपनी पदयात्रा स्थगित कर दी है। पदयात्रा में उमड़ने वाली भीड़ की सुरक्षा के मद्देनजर संत प्रेमानंद महाराज 2 दिन से रात में होने वाली पदयात्रा नहीं कर रहे। हालांकि उनके एकांतिक दर्शन चल रहे हैं।
धमाके वाली कार चलाने वाले डॉ. उमर की मां का डीएनए सैंपल ले लिया गया है। उसे जांच के लिए एम्स की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के मेवाल से बुधवार को इश्तियाक नाम के एक मौलवी को गिरफ्तार किया है, जिसके तार मॉड्यूल से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। वह अल फलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस में किराए के मकान में रहता था। जिसके घर से 2500 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, सल्फर और पोटेशियम क्लोरेट बरामद किया गया है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर श्रीनगर लेकर जा रही है।
जम्मू-कश्मीर से मंगलवार रात को एक डॉक्टर तजामुल को भी गिरफ्तार किया गया है। वह श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में काम करता था। डॉ. तजामुल को श्रीनगर से उसके किराए के कमरे से पकड़ा गया है।
डॉ शाहीन और परवेज के बड़े भाई शोएब ने टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बातचीत में बताया कि उनकी डॉ. परवेज से लगातार बातचीत होती थी। लेकिन बहन शाहीन से पिछले 4 सालों से बात नही हुई। शोएब ने कहा कि आतंकी का भाई होना बेहद दुखद है, लेकिन मुझे यकीन है कि वह दोनों बेगुनाह है।
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने हालिया घटनाक्रम पर दुख जताया है और आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी रसायन या सामग्री का उपयोग, भंडारण या संचालन नहीं किया जा रहा है। कुलपति प्रो. डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने बयान जारी कर कहा कि हिरासत में लिए गए डॉक्टरों का विश्वविद्यालय से केवल आधिकारिक संबंध है। विश्वविद्यालय जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहा है।
डॉ शाहीन, अजहर मसूद की बहन सादिया मसूद के सीधे संपर्क में थी। वह पाकिस्तान में जैश की महिला विंग की हेड है। सादिया अजहर का पति यूसुफ अजहर कंधार हाईजैक में भी शामिल रह चुका है। इस घटना से करीब 15 दिन पहले जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर ने जमान-उल-मोमिनात नाम से जैश की महिला विंग बनाई थी।
दिल्ली धमाके में आतंकी एंगल सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने एनआईए को केस ट्रांसफर कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए एनआईएन ने एक टीम गठित की है। जिसमें एसपी रैंक के ऊपर के अफसरों को शामिल किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने एनआईए को जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा।
फॉरेंसिक टीम ने कार धमाके वाली जगह से मंगलवार शाम को 42 सबूत कलेक्ट किए हैं। जिनमें i20 कार के कई पार्ट्स शामिल हैं। बुधवार से इन सबूतों की जांच की जाएगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली धमाके के पीड़ितों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस घटना में दिव्यांग हुए लोगों को 5 लाख की मदद दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 2 लाख रुपये की मदद मिलेगी, जबकि घायलों का इलाज दिल्ली सरकार कराएगी।
सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के संबंध में गिरफ्तार किए गए प्रमुख संदिग्धों में से एक डॉ. मुजम्मिल गनई ने इस साल जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार रेकी की थी। उसके मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर रही पुलिस ने यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुलिस ने बताया कि उन्हें संदेह है कि यह रेकी 26 जनवरी को ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जो उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण विफल हो गई होगी।
शाहीन सहारनपुर और हापुड़ में मिनी रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए कोई ऐसी जगह ढूंढ रही थी जो शहर से थोड़ा बाहरी इलाके में हो और वहां लोगो की गतिविधियां कम हो। शाहीन इस सेन्टर में अंदर आतंकी ट्रेनिंग देती और बाहर एंजियो यानी संस्था का काम दिखाया जाता। 3 मौजूदा समय में चल रही कुछ संस्था से इसके लिए बाकायदा संपर्क भी किया था। शाहीन ने 4 मुस्लिम गरीब लड़कियों की पढ़ाई और गरीबों का इलाज कराने के लिए फाउंडेशन बनाने की तैयारी थी, ताकि टेरर फंडिंग में आने वाला पैसा जांच एजेंसियों की रडार पर नहीं आता।
5 पिछले 6 महीने से शाहीन सेन्टर को बनाने के लिए तैयारी कर रही थी। 6 सेन्टर में कुल 10 बड़े कमरे और एक तहखाने में बड़ा सा ट्रेनिंग हाल बनाने की तैयारी थी, इसके लिए बाकायदा बड़ी जगह ढूंढी जा रही थी। 7 इस सेन्टर में जैमर का प्रयोग होता, ताकि ट्रेनिंग करने वाली लड़कियां सोशल मीडिया से दूरी रखें और मकसद से भटके न। 8 इस सेन्टर में समय समय पर जैश के आतंकियों को कभी मौलवी तो कभी प्रबुद्ध वर्ग का बता कर उनके लेक्चर कराए, जाते ताकि वो ट्रेनिंग करने वाली लड़कियों को जिहाद की तरफ पूरी तरह से धकेल सके। 9 इस सेन्टर में आतंकी ट्रेनिंग लेने आनी वाली महिलाओं को मुंतजिमा नाम दिया जाता। 10 केवल ट्रेनिंग सेंटर में बाहरी हिस्से में ही अस्थायी दवाखाना और मुस्लिम छोटी लड़कियों के लिए स्कूल खोला जाता बाकी के हिस्से में होस्टल होता जिसमे ट्रेनिंग करने वाली लड़कियां रहती। 11 यही लड़कियां शिफ्ट के अनुसार अस्थायी दवाखाना में काम करती और स्कूल में छोटी बच्चियों को पढ़ाती भी थी।
हरियाणा से इकोस्पोर्ट SUV बरामद; उमर के दोस्त के फार्महाउस में थी कार
दिल्ली विस्फोट मामले में बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास लाल बत्ती पर हुए ब्लास्ट में i20 कार इस्तेमाल हुई थी, लेकिन संदिग्धों के पास i20 कार के अलावा एक और कार थी जिसे हरियाणा से बरामद किया गया है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए बकायदा 5 टीमें बनाईं थीं, जो चप्पे-चप्पे पर लाल रंग की इकोस्पोर्ट एसयूवी को तलाश रही थी।
हरियाणा से संदिग्ध इकोस्पोर्ट, जिसका नंबर (DL10CK0458) दिल्ली का बताया जा रहा है, बरामद की गई है। यह गाड़ी उमर के दोस्त के खंदावली स्थित फार्महाउस में पाई गई जिसे फरीदाबाद पुलिस ने बरामद किया। दिल्ली पुलिस ने यूपी और हरियाणा के साथ भी लाल इकोस्पोर्ट से जुड़ा अलर्ट जारी किया था। फरीदाबाद पुलिस के एक प्रवक्ता से जब पूछा गया कि क्या इकोस्पोर्ट कार का पता लगा लिया गया है, तो उन्होंने फोन पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘हां, यह (कार) खंदावली गांव में मिली है।’
दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार विस्फोट में घायल उत्तराखंड के गदरपुर निवासी हर्षुल सेतिया एलएनजेपी अस्पताल से छुट्टी लेकर घर पहुंच गए हैं। हर्षुल सेतिया की मां अंजू सेतिया ने आईएएनएस से बात करते हुए विस्फोट के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग लगी हुई थी। लोग जान बचाकर भाग रहे थे। जब मैं बाहर गई तो देखा कि मेरा बेटा घायल था। मेरी बहू ने किसी का स्कूटर लेकर उसे अस्पताल पहुंचाया था। करीब रात एक बजे अस्पताल पहुंचे थे। धमाके में मेरी भी कार टूट गई। उन्होंने बताया कि बेटे की फरवरी में शादी है। वे लोग शादी की खरीदारी करने के लिए आए थे। खरीदारी पूरी नहीं हो पाई थी और हम लोग चांदनी चौक से नोएडा वापस जा रहे थे। तभी यह घटना हुई। हम लोग अपनी गाड़ी के अंदर ही थे, मेरा बेटा बाहर था, और धमाका इतना तेज था कि कार से शीशे टूट गए थे। किसी तरह से हम लोगों की जान बची है। अंजू सेतिया ने बताया कि अस्पताल की स्थिति बहुत खराब थी। किसी का हाथ तो किसी का पैर जला हुआ था। हमने आज तक इस तरह की घटना नहीं देखी।
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