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दिल्ली मेट्रो का नया अध्याय; मैजेंटा लाइन पूरी तरह होगी ड्राइवरलेस, जल्द हटेंगे सभी ऑपरेटर

दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन अब पूरी तरह ड्राइवरलेस हो गई है, जबकि पिंक लाइन भी अगले 3-4 महीनों में इस तकनीक को अपना लेगी। मैजेंटा लाइन पर मई 2024 से चरणबद्ध तरीके से अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस लागू किए गए और मई 2025 में ऑपरेटर पूरी तरह हटा दिए गए। पिंक लाइन पर ऑटोमेशन मार्च 2025 में शुरू हुआ और जल्द ही यह भी पूर्णत: ड्राइवरलेस बन जाएगी।

Delhi Metro Magenta Line to go Fully Driverless (Representative Photo: iStock)

मैजेंटा लाइन पूरी तरह होगी ड्राइवरलेस (सांकेतिक फोटो: iStock)

Magenta Line Fully Driverless: दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन अब पूरी तरह ड्राइवरलेस हो गई है, जबकि पिंक लाइन अगले 3-4 महीनों में इस तकनीक को अपना लेगी। मैजेंटा लाइन, जो जनकपुरी वेस्ट से बॉटनिकल गार्डन को जोड़ती है, अब पूरी तरह अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस (यूटीओ) पर चल रही है। इसका मतलब है कि इस लाइन की हर ट्रेन बिना ड्राइवर के संचालित हो रही है और ट्रेन ऑपरेटरों की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने पिंक लाइन मजलिस पार्क से शिव विहार पर भी यूटीओ की शुरुआत कर दी है। डीएमआरसी के एक अधिकारी के अनुसार दिल्ली मेट्रो में अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस की शुरुआत 2020 में हुई थी और यह चरणबद्ध तरीके से, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी के बाद लागू किया गया।

स्टेज-IIIB लागू होने से ऑपरेटर हटे

मैजेंटा लाइन पर यह प्रक्रिया मई 2024 में स्टेज-I से शुरू हुई, जिसमें कैब के पार्टिशन दरवाजे हटाए गए और ड्राइविंग कंसोल को धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खत्म किया गया, हालांकि उस समय ऑपरेटर कैब में मौजूद रहते थे। अगस्त 2024 में स्टेज-II के तहत ऑपरेटर को कैब के बजाय ट्रेन के भीतर कहीं भी रहने की अनुमति दी गई। उसी महीने स्टेज-IIIA में हर दूसरी ट्रेन से ऑपरेटर की मौजूदगी घटा दी गई। आखिर में मई 2025 में स्टेज-IIIB लागू होने के साथ ही ऑपरेटर पूरी तरह हटा दिए गए और मैजेंटा लाइन आधिकारिक तौर पर ड्राइवरलेस हो गई।

पिंक लाइन पर ऑटोमेशन

पिंक लाइन पर ऑटोमेशन मार्च 2025 में शुरू हुआ। जून 2025 तक यह स्टेज-II पर पहुंच गई और अनुमान है कि अगले तीन से चार महीनों में यह भी पूरी तरह ड्राइवरलेस हो जाएगी। दोनों लाइनें स्वचालित होने के बाद, दिल्ली मेट्रो के कुल 395 किमी नेटवर्क में से 97 किमी ड्राइवरलेस कॉरिडोर होंगे, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी ड्राइवरलेस मेट्रो प्रणालियों में से एक बन जाएगी।

सुगम व भरोसेमंद यात्रा का अनुभव

अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक अधिक आवृत्ति, समयबद्धता और सुरक्षित सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा। इससे परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक सुगम व भरोसेमंद यात्रा का अनुभव मिलेगा। ड्राइवरलेस संचालन की योजना फेज-IV के सभी तीन प्राथमिक कॉरिडोर—आरके आश्रम मार्ग–जनकपुरी वेस्ट (मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन), एरोसिटी–तुगलकाबाद (नई गोल्डन लाइन) और मजलिस पार्क–मौजपुर (पिंक लाइन एक्सटेंशन)—के लिए भी बनाई गई है। इसके अलावा, पिछले साल फेज-IV के तीन और कॉरिडोर को मंजूरी मिली थी, जिनका निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। इनमें लाजपत नगर–साकेत जी ब्लॉक (गोल्डन लाइन एक्सटेंशन), इंदरलोक–इंद्रप्रस्थ (ग्रीन लाइन एक्सटेंशन) और रोहिणी रिथाला–नरेला–कुंडली (रेड लाइन एक्सटेंशन) शामिल हैं।

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi Author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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