Delhi AQI: दिल्ली से बारिश नदारद है और सुबह सिहरन महसूस होने लगी है। जैसे-जैसे राष्ट्रीय राजधानी में सुबहें ठंडी होती जा रही हैं, वैसे-वैसे हवा की गुणवत्ता (Air Quality) भी बिगड़ने लगी है। सोमवार को सुबह नौ बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 169 दर्ज किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। हालांकि, एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) ने इसे थोड़ा बेहतर यानी 166 पर आंका। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का औसत AQI 199 रहा, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी की ऊपरी सीमा पर है और ‘पुअर’ श्रेणी से बस एक अंक नीचे।
लगातार गिर रही है हवा की गुणवत्ता
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 14 अक्टूबर तक हवा ‘मॉडरेट’ श्रेणी में रहेगी, लेकिन 15 अक्टूबर से यह ‘पुअर’ कैटेगरी में चली जाएगी। प्रदूषक तत्व PM2.5 का स्तर सोमवार को 103 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज हुआ, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की अधिकतम सीमा (15 microgram/m³) से सात गुना से भी अधिक है। WHO के अनुसार, PM2.5 के लगातार संपर्क में रहने से हृदय रोग, फेफड़ों का कैंसर, स्ट्रोक और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
ठंडी हवा, धीमी रफ्तार और खेतों की पराली बनी वजह
अक्टूबर के इस समय में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर की हवा प्रभावित होती है। इस साल राजधानी में तापमान सामान्य से 2–4 डिग्री कम दर्ज किया गया है और हवा की रफ्तार भी औसतन 10 किमी प्रति घंटा से कम है, जिसके कारण हवा में मौजूद प्रदूषण के कण फैल नहीं पा रहे हैं और उनका कंसेंट्रेशन बना हुआ है। धीमी हवाएं और तापमान में गिरावट से टेम्परेचर इनवर्जन होता है यानी ठंडी हवा ऊपर और गर्म हवा नीचे रह जाती है, जिससे प्रदूषक जमीन के पास फंस जाते हैं। यही कारण है कि अक्टूबर के मध्य में AQI तेजी से बढ़ने लगता है। अगले कुछ दिनों तक हवा की रफ्तार कम रहने की संभावना जताई गई है, यानी पॉल्यूटेंट्स उड़ेंगे नहीं और हवा की क्वालिटी प्रभावित होगी।
दिवाली से पहले ‘टॉक्सिक कॉकटेल’ का खतरा
इस सप्ताहांत अगर हवा की स्थिति स्थिर रही, तो पराली के धुएं के साथ पटाखों का धुआं मिलकर हवा को और जहरीला बना देगा। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, रविवार से अगले सप्ताह तक हवा ‘पुअर’ कैटेगरी में रहने की संभावना है, जबकि दिवाली के आसपास स्थिति और खराब हो सकती है।
तापमान में मामूली बढ़ोतरी
IMD के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 5:30 बजे दिल्ली का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और नमी 94% रही। सफदरजंग मौसम विज्ञान केंद्र ने अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले से थोड़ा अधिक है। आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा और तापमान 31–33 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20–22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
पिछले 122 दिनों से साफ हवा, अब फिर खतरा
दिल्ली ने 11 जून के बाद से अब तक 122 दिनों तक अपेक्षाकृत साफ हवा देखी जिसमें 77 दिन ‘सैटिस्फैक्टरी’ और 45 दिन ‘मॉडरेट’ श्रेणी में रहे। 11 जून को दिल्ली का AQI 245 (Poor) दर्ज किया गया था। उसके बाद से हवा में सुधार था, जो अब फिर से गिरावट की ओर है।
CPCB की AQI श्रेणियां
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच AQI को 'अच्छा' या Good, 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक' या Satisfactory, 101 से 200 के बीच 'मध्यम' या Moderate, 201 से 300 के बीच 'खराब' Poor, 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' या Very Poor और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' या Severe माना जाता है।
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