Janakpuri Biker's death case: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक गड्ढे में गिरकर कमल नामक युवक की मौत मामले में एक अदालत ने बुधवार को ठेकेदार हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता को बड़ा झटका दिया। द्वारका अदालत ने ठेकेदार हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इस दौरान, उप-ठेकेदार राजेश कुमार की नियमित जमानत अर्जी भी नामंजूर कर दी गई।
एक बार मिल चुकी है अग्रिम जमानत
ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को अदालत ने एक सप्ताह पहले अग्रिम जमानत दी थी। उस वक्त कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को हिमांशु गुप्ता के खिलाफ 18 फरवरी तक किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से रोका था। साथ ही गिरफ्तारी पर भी अंतरिम रोक लगाई थी।
बता दें कि जनकपुरी में एक गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी नामक युवक की मौत हो गई थी। जिन गड्ढे में गिरकर युवक की मौत हुई, उसे दिल्ली जल बोर्ड ने खुदवाया था। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह थी कि 15 फुट गहरे इस गड्ढे को न तो ढका गया और न ही इसके पास बैरिकेडिंग की गई थी। 25 वर्षीय युवक की मौत मामले को लेकर सियासत गर्मायी हुई है।
प्रारंभिक जांच में क्या कुछ आया सामने
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में अदालत को प्रारंभिक जांच के बारे में जानकारी दी थी। दिल्ली पुलिस ने बताया था कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डीजेबी ठेकेदार ने चेतावनी बोर्ड और अवरोधक जैसे कोई सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए थे। रिपोर्ट में कहा गया, ''जांच के तहत सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की गई और सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण करने पर पता चला कि ठेकेदार और उसके मजदूरों द्वारा खुदाई स्थल के आसपास कोई एहतियाती उपाय (सावधानी बोर्ड, अवरोधक आदि) का पालन नहीं किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप बाइक चालक गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई।''
सनद रहे कि घटना के संबंध में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि डीजेबी के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने एक उप-ठेकेदार राजेश प्रजापति और एक मजदूर, योगेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया था कि मामले में गिरफ्तार मजदूर योगेश को घटना के बाद सड़क पर अवरोधक और पर्दे लगाकर घटनास्थल को कवर करते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था।
