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Delhi Mumbai Expressway: 31 अगस्त तक करें इंतजार, मुंबई तक होगा सुहाना सफर

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वडोदरा-मुंबई सेक्शन इसी साल 31 अगस्त तक शुरू होने की संभावना है। इसके बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय 8 घंटे से घटकर लगभग 4 घंटे रह जाएगा।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का ये हिस्सा जल्द ट्रैफिक के लिए खुलेगा

Delhi Mumbai Expressway: देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पिछले कई वर्षों से बन रहा है। इसकी कई हिस्से ट्रैफिक के लिए खोले जा चुके हैं, लेकिन अब भी दिल्ली से मुंबई तक पूरे एक्सप्रेसवे के खुलने का सपना, सपना ही है। हालांकि, इस सपने के पूरा होने में सबसे बड़ी अड़चन अब खत्म हो गई है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो 31 अगस्त 2026 तक वडोदरा से मुंबई के बीच का एक्सप्रेसवे ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।

एक्सप्रेसवे के वडोदरा-मुंबई सेक्शन के शुरू होते ही दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर मात्र 4 घंटे का रह जाएगा। इससे न सिर्फ लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि देश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर को भी नई रफ्तार मिलेगी।

CM फडणवीस ने दिए निर्देश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कल यानी रविवार 28 जून को निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को तय समय सीमा के अंदर काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

दिल्ली-मुंबई के बीच बढ़ेगी रफ्तार

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है। करीब 1,400 किलोमीटर लंबा यह आठ लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है। केंद्र सरकार इस परियोजना पर करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य सिर्फ दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा को रफ्तार देना नहीं, बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना भी है।

Delhi Mumbai Expressway Entry Point.

वडोदरा और मुंबई के बीच सफर होगा आसान

महाराष्ट्र का हिस्सा लगभग तैयार

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का महाराष्ट्र वाला हिस्सा लगभग 157 किलोमीटर लंबा है। इस सेक्शन का निर्माण लगभग 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसे सात निर्माण पैकेजेस में बांटा गया है। इनमें से पांच पैकेज का काम पूरा हो चुका है और वे ट्रैफिक के लिए तैयार हैं। बाकी दो पैकेज अगस्त तक पूरे होने की उम्मीद है। इस सेक्शन के शुरू होने के बाद यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और हाई-स्पीड, सुरक्षित तथा निर्बाध सफर का अनुभव मिलेगा।

पोर्ट तक कनेक्टिविटी होगी आसान

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) को मिलेगा। उत्तर भारत से आने वाला माल इस एक्सप्रेसवे के खुलन के बाद ठाणे, भिवंडी और घोड़बंदर जैसे भीड़भाड़ वाले मार्गों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे माल ढुलाई में लगने वाला समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।

निवेश और रोजगार को मिलेगा नया बूस्टर

सरकार का मानना है कि उत्तर और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को मुंबई पोर्ट से तेज कनेक्टिविटी मिलने के बाद निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही देश के सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलने से आर्थिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का यह नया सेक्शन सिर्फ दो शहरों के बीच दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकता है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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