Delhi Mumbai Expressway: देश के सबसे लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) का काम तेजी से जारी है। 1386 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे देश की राजनैतिक राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को आपस में जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ दिल्ली और मुंबई को बल्कि गुरुग्राम (Gurgaon) , फरीदाबाद (Faridabad), जयपुर (Jaipur), अजमेर (Ajmer), किशनगढ़ (Kishangarh), कोटा (Kota), उदयपुर (Udaipur), चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh), सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur), भोपाल (Bhopal), उज्जैन (Ujjain), इंदौर (Indore), सूरत (Surat) और आसपास के इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं और उन पर गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं, जबकि कुछ हिस्सों पर अभी काम जारी है। उम्मीद की जा रही है कि यह एक्सप्रेसवे इसी साल दिसंबर तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। फिर आप दिल्ली से मुंबई और मुंबई से दिल्ली सिर्फ 12 घंटे में यात्रा पूरी कर पाएंगे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक है। माना जा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे देश के लिए विकास का नया पथ होगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली के साथ हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जबरदस्त फायदा होगा। क्योंकि इन्ही राज्यों के विभिन्न इलाकों और शहरों के करीब से यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है।
9 फेस में काम
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल दूरी 1386 किमी है। इसके काम को 9 चरणों में किया जा रहा है। फिलहाल इस एक्सप्रेसवे पर 2 चरणों का काम पूरा हो चुका है औ उन पर ट्रैफिक चल रहा है। लेकिन दिसंबर 2024 तक इसके 9 में से 8 चरणों पर काम पूरा होने की उम्मीद है। उम्मीद यह भी की जा रही है कि इसी साल इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके आप राजधानी और मायानगरी के बीच फर्राटे भर पाएंगे।यहां 96 फीसद काम पूरा हुआ
जैसा कि हमने ऊपर बताया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो चरणों का काम पूरा होकर उस गाड़ियां फर्राटे मार रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India - NHAI) के अनुसारये चरण दिसंबर तक हो जाएंगे पूरे
दिसंबर 2024 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कई चरण पूरे होकर यातायात के लिए तैयार हो जाएंगे। इसमें सापूर से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (95 किमी), सूरत से मुंबई के उपनगर विरार (291 किमी), भरूच से सूरत (38 किमी), मध्य प्रदेश बॉर्डर से गुजरात (148 किमी) और सवाई माधोपुर से झालावाड़ (159 किमी) शामिल हैं। इसके अलावा बता दें कि वडोदरा से भरूच तक का 87 किमी चरण पूरा हो चुका है, लेकिन जनता के लिए अभी नहीं खुला है।| दिसंबर तक पूरे हो जाएंगे ये चरण | |
| सापूर से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट | 95 किमी |
| सूरत से विरार | 291 किमी |
| भरूच से सूरत | 38 किमी |
| MP बॉर्डर से गुजरात | 148 किमी |
| सवाई माधोपुर से झालावाड़ | 159 किमी |
