केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद दौरे के दौरान National Film Awards और मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना को लेकर काफी अहम जानकारी शेयर की है। उन्होंने कहा कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड को अब सिर्फ एक जगह तक सीमित रखने के बजाय देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की पहल की गई है। वहीं, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में सूरत से वापी के बीच पहला सेक्शन दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नेशनल फिल्म अवॉर्ड अब पर्यटन स्थलों पर
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से नेशनल फिल्म अवॉर्ड को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों तक ले जाने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा से जुड़े कलाकारों, तकनीशियनों, सिनेमैटोग्राफरों और फिल्म जगत के अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन है। ऐसे आयोजन को प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित करने से उन स्थानों को भी पर्यटन के लिहाज से बढ़ावा मिलेगा।
इसी पहल के तहत 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड का आयोजन गुजरात के एकता नगर में किया जा रहा है। एकता नगर में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थित है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज यानी मंगलवार 22 सितंबर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।
राज्यों से मांगे जाएंगे टूरिज्म डेस्टिनेशन के प्रस्ताव
अश्विनी वैष्णव ने सभी राज्यों से अपने-अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राज्यों को प्रस्तावित पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक विकास कार्यों के साथ 360 डिग्री विकास का प्लान तैयार करना चाहिए। जिस राज्य का प्रस्ताव चुना जाएगा, भविष्य में नेशनल फिल्म अवॉर्ड का आयोजन उस राज्य के संबंधित पर्यटन स्थल पर किया जा सकेगा।
वैष्णव ने कहा कि उनका प्रयास नेशनल फिल्म अवॉर्ड को एक कॉन्फ्रेंस रूम तक सीमित रखने के बजाय जनता और वास्तविक पर्यटन स्थलों तक ले जाने का है। उनके मुताबिक फिल्म और पर्यटन को साथ जोड़ने से पर्यटन स्थल को भी फायदा होगा और पुरस्कार समारोह का स्वरूप भी व्यापक होगा।
बुलेट ट्रेन का पहला सेक्शन दिसंबर तक होगा पूरा!
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना को लेकर रेल मंत्री ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सूरत से वापी के बीच पहले सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद भारत में निर्मित और विकसित बुलेट ट्रेन को ट्रैक पर लाकर व्यापक स्तर पर ट्रायल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन की कार बॉडी, बोगी, प्रोपल्शन सिस्टम, व्हीकल इलेक्ट्रॉनिक्स, पहियों, पैंटोग्राफ और ओवरहेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम समेत विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों के इंटीग्रेशन पर काम तेजी से चल रहा है। ट्रैक पर ट्रेन आने के बाद इसका विस्तृत ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहले सेक्शन को शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
BKC-ठाणे के बीच समुद्र के नीचे सुरंग का काम
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के BKC से ठाणे के बीच समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग को लेकर भी वैष्णव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरंग निर्माण के लिए जरूरी शाफ्ट का निर्माण और टनल बोरिंग मशीनों को निर्धारित दिशा में स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रारंभिक काम पूरा हो चुका है। अब दोनों टनल बोरिंग मशीनों के जरिए सुरंग निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के स्टेशनों और पुलों के निर्माण कार्य में भी तेजी से प्रगति हो रही है।
निर्माण के साथ स्वदेशी तकनीक पर जोर
रेल मंत्री ने कहा कि साल 2021 में निर्माण शुरू होने के बाद कोविड-19 महामारी और परियोजना की तकनीकी जटिलताओं जैसी चुनौतियों के बावजूद काम को आगे बढ़ाया गया है। भारत में निर्मित बुलेट ट्रेन का विकास हाई स्पीड रेल तकनीक में देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इसके डिजाइन और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते हुए भारत हाई स्पीड रेल तकनीक से जुड़ी अपनी क्षमताओं को विकसित कर रहा है।
वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना में निर्माण, तकनीक, परीक्षण और विभिन्न प्रणालियों के इंटीग्रेशन से जुड़े काम निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात दौरे के दौरान रेल मंत्री ने एक तरफ National Film Awards को देश के पर्यटन स्थलों तक ले जाने की योजना पर जोर दिया, तो दूसरी ओर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के पहले सेक्शन को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के लक्ष्य की जानकारी दी।
