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दिल्ली का मौसम (13 June 2026) Delhi Weather Today: दिल्ली-NCR में आज भी आंधी-तूफान के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट'; जानें आपके शहर में कब तक पहुंचेगा मानसून

दिल्ली का मौसम (दिल्ली में आज का मौसम कैसा रहेगा) 13 June 2026: दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने आज के लिए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

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आज भर की राहत, रविवार से फिर बढ़ेगा पारा

Photo : Times Now Digital

दिल्ली में आज का मौसम (13 June 2026): दिल्ली-NCR के निवासियों को भीषण गर्मी और चिलचिलाती लू से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश और हवाओं के कारण मौसम नरम रहा। बीती रात की झमाझम बारिश और आंधी से आज के सुबह की भी सुहावनी शुरुआत हुई है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए एक नए वेदर सिस्टम के चलते पारे में भारी गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। राहत का यह सिलसिला आज (शनिवार) भी जारी रहने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली समेत पूरे NCR क्षेत्र के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

आज कैसा रहेगा दिल्ली का मिजाज? (Delhi Weather Today)

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शनिवार को भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की 65 प्रतिशत तक संभावना है। आज दोपहर 11:30 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे के बीच मौसम में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। बारिश के साथ ही दिल्ली-NCR में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। इसके बाद शाम को भी धूलभरी आंधी और गरज के साथ हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है।

आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 34°C से 40°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 23°C से 27°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिल्ली के अलावा गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

आखिर क्यों अचानक बदला मौसम का रुख?

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के इस बदलते मौसम के पीछे तीन प्रमुख भौगोलिक कारणों को जिम्मेदार ठहराया है। एक है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ), उत्तरी हरियाणा और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवा का एक चक्रवाती घेरा (Cyclonic Circulation) बन गया है। दूसरा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के वायुमंडल में एक ऐसा सिस्टम तैयार हो रहा है जो हवाओं के रुख को प्रभावित कर रहा है। और तीसरा ट्रफ लाइन का असर। पड़ोसी देश पाकिस्तान से लेकर भारत के पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ लाइन (कम दबाव का क्षेत्र) फैली हुई है, जो लगातार नमी खींच रही है।

रविवार से फिर तपेगी दिल्ली, बढ़ेगी उमस

अगर आप इस ठंडे मौसम के लंबे समय तक टिकने की उम्मीद कर रहे हैं, तो बता दें कि यह राहत अस्थायी है। रविवार (14 जून) से मौजूदा वेदर सिस्टम का असर कमजोर पड़ने लगेगा, जिससे तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी का दौर शुरू हो जाएगा। हालांकि, 14 से 18 जून के बीच आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, लेकिन इस दौरान अधिकतम तापमान दोबारा 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा, जिससे उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।

दिल्ली में मानसून की एंट्री कब? (Monsoon Update)

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच सबसे अच्छी खबर मानसून को लेकर है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने बिल्कुल सही समय पर दिल्ली-NCR (नोएडा और गुरुग्राम सहित) में दस्तक देने जा रहा है।

IMD के मुताबिक, 25 से 30 जून के बीच दिल्ली में मानसून की एंट्री हो सकती है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून पहुंचने की तय तारीख 27 जून मानी जाती है। इस साल मानसून का सफर ठीक रहा है; यह 4 जून को केरल पहुंचा था और तेजी से आगे बढ़ते हुए बिहार और ओडिशा के हिस्सों को कवर कर चुका है। जून के आखिरी हफ्ते में मुख्य मानसून आने से पहले, दिल्ली में हो रही यह मौजूदा बारिश 'प्री-मानसून' गतिविधियों का हिस्सा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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