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Patna News : मंदिर के अंदर भाई ने काट दिया मासूम का गला, माता को चढ़ाया सिर; हत्या से दहला गांव

बिहार के पटना एक गांव में सनकी बड़े भाई ने धारदार हथियार से अपने सगे डेढ़ साल के छोटे भाई की गर्दन काटकर उसका सिर मंदिर में चढ़ा दिया।

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पटना में मासूम की गर्दन काट मंदिर में चढ़ाया सिर

पटना : रानीतालाब थाना क्षेत्र के जीतन छपरा गांव में शनिवार की सुबह करीब 10 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक 21 वर्षीय युवक ने अपने डेढ़ साल के मासूम भाई को मंदिर में ले जाकर धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दिया है। कहा जा रहा है कि कटे सिर को उसने माता के मंदिर में चढ़ाया और फिर उसे गमछे में बांधकर घर ले गया। वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही रानीतालाब थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्गा मंदिर को सील कर दिया। फिलहाल, फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है।

ग्रामीणों के अनुसार, रंजू यादव का 21 वर्षीय पुत्र अजीत कुमार शनिवार की सुबह अपने डेढ़ साल के छोटे भाई मनीष कुमार को खेलने के बहाने दुर्गा मंदिर में ले गया, और वहीं धारदार हथियार से उसका गला काट दिया। इसके बाद शव को गमछे में लपेटकर घर ले आया। मासूम का शव देखते ही घर की महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर और आरोपी के घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले धारदार हथियार को जब्त कर लिया है। साथ ही आरोपी अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। आरोपी कथित तौर पर सनकी स्वभाव का है और नशे का भी आदी है। महिला के अनुसार, वह पहले भी लोगों के साथ मारपीट करता था। करीब छह माह पूर्व उसने एक पड़ोसी का गला काटने का प्रयास भी किया था। महिला ने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में वह एक बच्चे का गला काटने की बात कहता था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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